{"_id":"5bd13fbbbdec2269565721bf","slug":"noida-metro-connect-blue-line-with-aqua-via-walkway","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नोएडा में 300 मीटर लंबा वॉक-वे से जुडे़गी एक्वा-ब्लू लाइन, मुफ्त शटल सेवा भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा में 300 मीटर लंबा वॉक-वे से जुडे़गी एक्वा-ब्लू लाइन, मुफ्त शटल सेवा भी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 25 Oct 2018 09:29 AM IST
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नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) की ब्लू लाइन को जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। इसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर के सेक्टर-51 और सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इस दौरान इस वॉक-वे पर 20 आदमियों को रखा जाएगा जो लोगों को बताएंगे कि कैसे चला जाए जिससे जाम न लगे।
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दोनों स्टेशनों को वॉक -वे के सहारे जोड़ा जाएगा, जिस पर एनएमआरसी फ्री शटल सर्विस भी देगा। इसी कड़ी में बुधवार को एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय सहित कई अधिकारी और डीएमआरसी के परमित गर्ग सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने दोनों स्टेशनों का दौरा किया। पीडब्लूडी के एक अधिकारी ने बताया कि वॉक-वे पर जाम की स्थिति न हो इसलिए वहां 20 ट्रेंड लोगों को रखा जाएगा जो लोगों को बताएंगे की कैसे इसपर चला जाए कि भीड़भाड़ के समय जाम न लगे।
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एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय ने बताया कि दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट से सर्वे कराया गया था। सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के आधार पर टीम की ओर से साइट का निरीक्षण किया गया।
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बताया जा रहा है कि यहां जल्द ही 300 मीटर लंबा वॉक-वे बनाया जाएगा। इस वॉक-वे के सहारे मेट्रो के यात्री एक्वा और ब्लू लाइन के लिए आ और जा सकेंगे। यह ऊपर से ढका होगा। साथ ही दोनों ओर रेलिंग भी होगी। यह दो लेन का होगा।
खास बात यह है कि एनएमआरसी की ओर से इन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी को कम करने के लिए फ्री शटल सर्विस का तोहफा भी दिया जाएगा। यहां ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट के सहारे यात्री एक से दूसरे स्टेशन तक जा सकेंगे। एनएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि वॉक-वे का टेंडर फाइनल हो चुका है और जल्द ही यहां काम शुरू होगा।
स्काई वॉक की योजना ठंडे बस्ते में
दरअसल, एक्वा और ब्लू लाइन को पहले स्काई वॉक के सहारे जोड़ने की योजना थी, लेकिन जिस जमीन के ऊपर से यह स्काई वॉक जाना था, वह नोएडा प्राधिकरण की कमर्शियल जमीन है। बताया जा रहा है कि स्काई वॉक बनाने से वहां किसी तरह का कमर्शियल निर्माण नहीं हो पाता और जमीन की कीमत पर असर पड़ता। लिहाजा यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
स्काई वॉक की योजना ठंडे बस्ते में
दरअसल, एक्वा और ब्लू लाइन को पहले स्काई वॉक के सहारे जोड़ने की योजना थी, लेकिन जिस जमीन के ऊपर से यह स्काई वॉक जाना था, वह नोएडा प्राधिकरण की कमर्शियल जमीन है। बताया जा रहा है कि स्काई वॉक बनाने से वहां किसी तरह का कमर्शियल निर्माण नहीं हो पाता और जमीन की कीमत पर असर पड़ता। लिहाजा यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
आईआईटी के छात्रों की दिखेगी कलाकारी
एनएमआरसी के सभी स्टेशनों पर आर्ट वर्क का काम शुरू हो चुका है। इसे दो एनजीओ की ओर से किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पहला एनजीओ किरन नाडर ग्रुप का है। दूसरा ग्रुप आईआईटी के छात्रों का है, जिन्होंने एक स्टार्टअप के तौर पर काम शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर पर सेक्टर-51, 50, परी चौक, नॉलेज पार्क स्टेशन पर काम चल रहा है। जल्द ही सभी स्टेशनों पर आर्ट वर्क का हुनर दिखेगा।
एनएमआरसी प्रोजेक्ट पर एक नजर
नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच 21 स्टेशन होंगे।
यहां चार कोच की मेट्रो चलेगी।
चीन से कोच का निर्माण कराया गया है।
सीएमआरएस निरीक्षण अंतिम तौर पर होना है।
एनएमआरसी के सभी स्टेशनों पर आर्ट वर्क का काम शुरू हो चुका है। इसे दो एनजीओ की ओर से किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पहला एनजीओ किरन नाडर ग्रुप का है। दूसरा ग्रुप आईआईटी के छात्रों का है, जिन्होंने एक स्टार्टअप के तौर पर काम शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर पर सेक्टर-51, 50, परी चौक, नॉलेज पार्क स्टेशन पर काम चल रहा है। जल्द ही सभी स्टेशनों पर आर्ट वर्क का हुनर दिखेगा।
एनएमआरसी प्रोजेक्ट पर एक नजर
नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच 21 स्टेशन होंगे।
यहां चार कोच की मेट्रो चलेगी।
चीन से कोच का निर्माण कराया गया है।
सीएमआरएस निरीक्षण अंतिम तौर पर होना है।