फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Noida Corona virus update three patients recovered and shared stories

#CoronaPositive नोएडा: कोरोना वायरस को मात देकर घर लौटे तीन मरीज, सुनाई आपबीती

Fri, 27 Mar 2020 10:17 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Fri, 27 Mar 2020 10:17 AM IST
विज्ञापन
Noida Corona virus update three patients recovered and shared stories
कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

देश में कोरोना वायरस लगातार पैर पसार रहा है, अबतक संक्रमण के लगभग 700 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 20 मरीजों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात यह है कि इनमें से 42 मरीज कोरोना से जंग जीत कर घर पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। 

विज्ञापन


इस भयंकर महामारी से मरीजों को निजात दिलाने में जितना डॉक्टरों का सहयोग रहा है उतना ही बड़ा योगदान मरीजों का भी है। कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होकर घर आए दिल्ली एनसीआर के कुछ लोगों ने अमर उजाला के साथ अपनी कहानी साझा की। आइए पढ़ते हैं कि कोरोना को हराने में किसने कैसे पाई सफलता-
विज्ञापन


जिम्स में कोरोना से जिंदगी की जंग जीते तीन मरीज 
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में कोरोना पॉजिटिव भर्ती 10 मरीजों में 3 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें बुधवार को एक और गुरुवार को दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। तीनों मरीज अभी 14 दिनों तक अपने घर में आइसोलेशन (एकांतवास) में रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को जिम्स में हुई प्रेसवार्ता में निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने यह जानकारी दी। जिम्स निदेशक ने बताया कि तीनों मरीज सबसे पहले आए थे। इनमें से दो लोग पहले स्टेज में, जबकि एक मरीज दूसरे स्टेज में थे। पढ़ें जिम्स से घर लौटे तीनों मरीज क्या कहते हैं इस बारे में-

डर तो लगा था पर धैर्य और साहस से कोरोना से हुए पार: पहली मरीज
‘मैं जिम्स में भर्ती थी। 17 मार्च को जब रिपोर्ट आई तो डर गई थी। खुद एमबीबीएस छात्रा होने और अस्पताल के डॉक्टरों के मानसिक रूप से मिले सपोर्ट देने के कारण डर पर काबू पा लिया। आज कोरोना संक्रमण से मिली जीत पर बेहद खुश हूं।’ गुरुवार को अस्पताल से रिलीव होते समय यह बातें ग्रेटर नोएडा की महिला मरीज ने कहीं। 

अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह सेक्टर-100 में रहती हैं और एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। उनका 12 दिनों का यूरोप टूर था। 10 से 12 मार्च के दौरान वह फ्रांस में थीं। अनुमान है कि यूरोप टूर में ही वह कोरोना से संक्रमित हो गईं। 

हालांकि, उनके साथ गए लोगों में कोई संक्रमित नहीं मिला है। कोरोना महामारी की भयावहता के चलते वह 12 मार्च को भारत आ गईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर क्वारंटीन होने की गाइडलाइन का पालन करते हुए घर आ गईं। 15 मार्च को उन्हें गले में थोड़ी दिक्कत महसूस होने पर उन्होंने प्रशासन से संपर्क किया और जिम्स आकर अपनी जांच कराई। 

वह राजकीय आयुर्विज्ञान में पहली मरीज थीं जिन्हें 15 मार्च को भर्ती कर लिया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने लक्षण के आधार पर दवा शुरू कर दी। 17 मार्च को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पहले तो वह थोड़ा घबरा गईं। 

उन्होंने डॉक्टरों और स्टॉफ की तारीफ करते हुए कहा कि पूरे स्टॉफ ने उन्हें निराश नहीं होने और खुश रहने के लिए कहा। डॉक्टरों ने उन्हें जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि 15 मार्च से 26 मार्च के दौरान उन्होंने टीवी देखकर, मोबाइल गेम खेलकर और किताबें पढ़कर समय व्यतीत किया। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के लोगों को इस बीमारी में गाइडलाइन अपनाने की सलाह दी है। इनकी बात माननी चाहिए। यदि यह बीमारी हो भी जाती है तो इसमें घबराने की बात नहीं है। कुछ दिन दवा चलने पर यह बीमारी ठीक हो जाती है।

बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता से दी कोरोना को मात: दूसरी मरीज
आमतौर पर कोरोना से पीड़ित लोगों को सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत होती है। हालांकि, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण जिम्स से बृहस्पतिवार को रिलीव हुए मरीज में इस तरह के लक्षण नहीं दिखे। 

नोएडा निवासी 28 वर्षीय यह मरीज फरवरी के अंतिम सप्ताह में कामकाज के सिलसिले में इंडोनेशिया गए थे। वह आईटी प्रोफशनल हैं और नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत हैं। 2 मार्च को वह भारत आए और 14 दिनों के सेल्फ आइसोलेशन में रहे। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम और बेहतर खान-पान पर ध्यान देते हैं। 

घर में 14 दिनों के आइसोलेशन के दौरान भी उन्हें कुछ खास नहीं लगा कि उन्हें कोरोना जैसी बीमारी के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि वह लगभग सामान्य थे, लेकिन परिजनों के समझाने पर उन्होंने 16 मार्च को अपना सैंपल जिम्स में दिया। 

रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वह बड़े आश्चर्यचकित हुए और 18 मार्च को जिम्स में भर्ती हो गए। इलाज के दौरान भी वह लगभग स्वस्थ्य महसूस कर रहे थे। दो बार कोरोना निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार 26 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। 

डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग और आइसोलेशन वॉर्ड जिम्स ने उनके बारे में बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है। इस मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर थी। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद आइसोलेशन में उन्हें गंभीर परेशानी नहीं हुई।

आठवें दिन संक्रमण मु्क्त घोषित होकर लौटे घर: तीसरा मरीज
उक्त दोनों मरीजों से पहले बुधवार को ही नोएडा के रहने वाले एक मरीज को संक्रमण मुक्त घोषित कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक इस मरीज को अस्पताल में 16 मार्च को भर्ती किया गया था। जांच में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। 23 मार्च को उनकी दोबारा जांच कराई गई, जो निगेटिव आई। बुधवार को फिर जांच हुई। इस बार फिर रिपोर्ट निगेटिव रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed