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Delhi NCR News: नोएडा के लिए पेड़ों के आसपास कंक्रीट हटाने में गड़बड़ी पर नोएडा प्राधिकरण को कार्रवाई के निर्देश
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-सेक्टर-26 में पेड़ों की भारी छंटाई के आरोपों की भी होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नोएडा में पेड़ों को बचाने के लिए उनके आसपास से कंक्रीट हटाने के काम में गड़बड़ी के आरोपों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्ती दिखाई है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को मामले की जांच कर दो महीने के भीतर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पेड़ों के आसपास से कंक्रीट हटाने का काम सही तरीके से नहीं किया गया। कई जगह यह कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रही।
याचिका में दावा किया गया कि पेड़ों के आसपास कंक्रीट हटाने के लिए लगाई गई एजेंसी ने निर्धारित करीब एक मीटर क्षेत्र की जगह केवल 10 से 15 सेंटीमीटर तक ही कंक्रीट हटाया। कुछ स्थानों पर तो कंक्रीट हटाने का काम भी नहीं किया गया। पीठ ने आदेश में कहा कि इन आरोपों की जमीनी स्तर पर जांच जरूरी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों या एजेंसी के खिलाफ सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में नोएडा के सेक्टर-26 में पेड़ों की भारी छंटाई का आरोप भी लगाया गया है। एनजीटी ने नोएडा के ट्री ऑफिसर और डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है।
पीठ ने कहा कि यदि पेड़ों की छंटाई से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस पूरी प्रक्रिया को भी दो महीने के भीतर पूरा करने को कहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नोएडा में पेड़ों को बचाने के लिए उनके आसपास से कंक्रीट हटाने के काम में गड़बड़ी के आरोपों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्ती दिखाई है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को मामले की जांच कर दो महीने के भीतर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पेड़ों के आसपास से कंक्रीट हटाने का काम सही तरीके से नहीं किया गया। कई जगह यह कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रही।
याचिका में दावा किया गया कि पेड़ों के आसपास कंक्रीट हटाने के लिए लगाई गई एजेंसी ने निर्धारित करीब एक मीटर क्षेत्र की जगह केवल 10 से 15 सेंटीमीटर तक ही कंक्रीट हटाया। कुछ स्थानों पर तो कंक्रीट हटाने का काम भी नहीं किया गया। पीठ ने आदेश में कहा कि इन आरोपों की जमीनी स्तर पर जांच जरूरी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों या एजेंसी के खिलाफ सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में नोएडा के सेक्टर-26 में पेड़ों की भारी छंटाई का आरोप भी लगाया गया है। एनजीटी ने नोएडा के ट्री ऑफिसर और डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है।
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पीठ ने कहा कि यदि पेड़ों की छंटाई से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस पूरी प्रक्रिया को भी दो महीने के भीतर पूरा करने को कहा है।
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