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Delhi NCR News: हर महिला कॉलेज के लिए नोडल पुलिस अधिकारी, पिंक बूथ और बढ़ेगी गश्त
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महिला कॉलेजों में सुरक्षा का नया तंत्र बनेगा, राह में अंधेरे स्थान किए जाएंगे खत्म, आना-जाना होगा सुरक्षित
ई-रिक्शा, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई, परिवहन व सिविक एजेंसियां करेंगी समन्वय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के महिला कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अब हर कॉलेज के लिए नोडल पुलिस अधिकारी तैनात किया जाएगा। कॉलेजों के आसपास पिंक बूथ बनाए जाएंगे और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। छात्राओं के कॉलेज आने-जाने के रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए अंधेरे स्थानों की पहचान कर वहां रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही ई-रिक्शा, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनधिकृत रेहड़ी-पटरी पर भी कार्रवाई होगी।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला कॉलेजों के प्राचार्यों, कुलपति और पुलिस, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, डीडीए व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था दिल्ली के महिला कॉलेजों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की नियमित निगरानी के लिए तैयार की जा रही है।
एलजी ने पुलिस और संबंधित विभागों को बिना देर किए अपनी जिम्मेदारी तय करने को कहा है। हर कॉलेज से जुड़े नोडल पुलिस अधिकारी सुरक्षा संबंधी शिकायतों और जरूरतों के समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे। कॉलेज प्रशासन और पुलिस के बीच सीधा संपर्क रहेगा, ताकि किसी समस्या के सामने आने पर कार्रवाई में देरी न हो। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ नियमित पेट्रोलिंग भी कराई जाएगी।
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पिंक बूथ और सुरक्षित रास्तों पर जोर
कॉलेजों के बाहर और आसपास छात्राओं को तत्काल पुलिस सहायता देने के लिए पिंक बूथ होंगे। कॉलेज से नजदीकी मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों तक जाने वाले रास्तों पर पुलिस की नजर होगी। इन रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी और पुलिस की निगरानी बढ़ेगी। कॉलेजों के आसपास के पार्क, सुनसान रास्ते और ऐसे स्थान जहां शाम के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है, उनकी भी पहचान की जाएगी।
ई-रिक्शा और अतिक्रमण भी बड़ी चुनौती
महिला कॉलेजों के आसपास बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन, अवैध पार्किंग हटेगी और फुटपाथ साफ होंगे। कार्रवाई के लिए पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एमसीडी, डीडीए और दिल्ली मेट्रो को साथ काम करना होगा। छात्राओं की शिकायतों और सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन, छात्राओं और पुलिस के बीच नियमित संवाद अनिवार्य किया गया है। कॉलेज और विभागीय स्तर पर भी शिकायतें ली जाएंगी
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ई-रिक्शा, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई, परिवहन व सिविक एजेंसियां करेंगी समन्वय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के महिला कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अब हर कॉलेज के लिए नोडल पुलिस अधिकारी तैनात किया जाएगा। कॉलेजों के आसपास पिंक बूथ बनाए जाएंगे और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। छात्राओं के कॉलेज आने-जाने के रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए अंधेरे स्थानों की पहचान कर वहां रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही ई-रिक्शा, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनधिकृत रेहड़ी-पटरी पर भी कार्रवाई होगी।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला कॉलेजों के प्राचार्यों, कुलपति और पुलिस, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, डीडीए व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था दिल्ली के महिला कॉलेजों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की नियमित निगरानी के लिए तैयार की जा रही है।
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एलजी ने पुलिस और संबंधित विभागों को बिना देर किए अपनी जिम्मेदारी तय करने को कहा है। हर कॉलेज से जुड़े नोडल पुलिस अधिकारी सुरक्षा संबंधी शिकायतों और जरूरतों के समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे। कॉलेज प्रशासन और पुलिस के बीच सीधा संपर्क रहेगा, ताकि किसी समस्या के सामने आने पर कार्रवाई में देरी न हो। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ नियमित पेट्रोलिंग भी कराई जाएगी।
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पिंक बूथ और सुरक्षित रास्तों पर जोर
कॉलेजों के बाहर और आसपास छात्राओं को तत्काल पुलिस सहायता देने के लिए पिंक बूथ होंगे। कॉलेज से नजदीकी मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों तक जाने वाले रास्तों पर पुलिस की नजर होगी। इन रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी और पुलिस की निगरानी बढ़ेगी। कॉलेजों के आसपास के पार्क, सुनसान रास्ते और ऐसे स्थान जहां शाम के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है, उनकी भी पहचान की जाएगी।
ई-रिक्शा और अतिक्रमण भी बड़ी चुनौती
महिला कॉलेजों के आसपास बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन, अवैध पार्किंग हटेगी और फुटपाथ साफ होंगे। कार्रवाई के लिए पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एमसीडी, डीडीए और दिल्ली मेट्रो को साथ काम करना होगा। छात्राओं की शिकायतों और सुझावों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन, छात्राओं और पुलिस के बीच नियमित संवाद अनिवार्य किया गया है। कॉलेज और विभागीय स्तर पर भी शिकायतें ली जाएंगी