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पत्नी के सामने पति ने बनाया विधवा भाभी से संबंध?

Thu, 30 Apr 2015 05:29 PM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 05:29 PM IST
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No woman would allow her husband to make relation with other in her presence

कोई भी औरत अपने सामने पति को किसी गैर औरत से संबंध बनाने नहीं देगी। यह बात दिल्ली की एक अदालत ने रेप आरोपी को बरी करते हुए कहा है।

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बता दें कि अदालत ने यह फैसला एक रेप आरोपी देवर को उसकी विधवा भाभी के बलात्कार के इल्जाम से बरी करते हुए सुनाया। देवर पर अपनी पत्नी के सामने ही विधवा भाभी के रेप का आरोप था।

एडिशनल सेशन जज संजीव जैन ने अपने फैसले में कहा कि यह नामुमकिन है कि कोई पति अपनी पत्नी के सामने एक औरत का रेप करे और पत्नी पीड़िता का मुंह दबाए रखे। इस दुनिया में कोई बीवी अपने पति को दूसरी औरत से अपने ही सामने शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत नहीं दे सकती।

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देवरानी और सास पर भी लगाया आरोप

No woman would allow her husband to make relation with other in her presence

अदालत ने शिकायतकर्ता के उस दावे को भी खारिज कर ‌दिया जिसमें उसने कहा है कि जब आरोपी ने उसका बलात्कार किया तो उसकी सास ने उसे बांध दिया था।

जज बोले कि यह तो बहुत ही मुश्किल है कि कोई 78 साल की महिला किसी औरत के हाथ-पांव बांध सकती है वो भी इसलिए कि उसका बेटा उस औरत के साथ शारिरीक संबंध बनाए।

अदालत ने इस बात का संज्ञान लेते हुए कि शिकायतकर्ता का अपने ससुराल पक्ष से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था कहा ‌कि  इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि महिला ससुराल पक्ष पर झूठा आरोप लगा रही हो।

मामले में कई विरोधाभास

No woman would allow her husband to make relation with other in her presence

जज ने महिला का केस यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह केस विरोधाभासों से भरा हुआ है जिसके कारण यह केस गंभीर रूप से शक पैदा करता है।

जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें पता है‌ कि इस तरह के रेप केस में केवल पीड़ित का बयान ही काफी होता है कोई भी फैसला सुनाने के लिए वह उन सभी वैधानिक प्रावधानों का सम्मान भी करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं जो अदालत के मन में शक पैदा करती हैं और इसलिए यह सुरक्षित नहीं है कि पीड़िता के बयान को ही सही मानते हुए कोई भी सजा सुनाई जाए।

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2012 से चल रहा है मामला

No woman would allow her husband to make relation with other in her presence

बचाव पक्ष के अनुसार विधवा महिला ने 2012 में शिकायत दर्ज की थी कि उसके पति की मौत के बाद उसके ससुराल वाले उसका घर हथियाना चाहते हैं।

इसी कारण ससुराल वाले महिला का शोषण करते रहते थे और ऐसे ही एक मौके पर उसके देवर ने उसका रेप भी किया। महिला का दावा था कि ऐसा करने में उसकी सास और देवरानी ने उसके देवर की सहायता की।

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