{"_id":"6ace2eeebc108f7f7e0b955a","slug":"no-testing-facilities-available-at-dsci-patients-forced-to-turn-to-private-diagnostic-centers-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-1941-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: डीएससीआई में जांच की सुविधा नहीं, निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का करना पड़ रहा रुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: डीएससीआई में जांच की सुविधा नहीं, निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का करना पड़ रहा रुख
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) में कुछ जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल के आसपास कई निजी जांच केंद्र खुल गए हैं, जहां मरीज पीईटी-सीटी जैसी महंगी जांच करा रहे हैं। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। डीएससीआई के सामने डीडीए मार्केट में स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के कर्मचारी ने बताया कि उनके यहां रोजाना दो से तीन मरीज अस्पताल से पीईटी-सीटी कराने आते हैं। कर्मचारी के मुताबिक, सेंटर में इस जांच के लिए करीब आठ हजार रुपये लिए जाते हैं। मरीजों को कुछ रकम पहले जमा करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर सेंटर की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाती है। दिहाड़ी मजदूर मोहन को अपनी मां सरिता की पीईटी-सीटी जांच कराने के लिए करीब 12 हजार रुपये खर्च करने पड़े। मोहन का कहना है कि उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। मरीजों का कहना है कि वे सरकारी अस्पतालों में कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। लेकिन, जब अस्पताल में जरूरी जांच की सुविधा नहीं मिलती, तो उन्हें मजबूरी में निजी सेंटरों में जाना पड़ता है।
विज्ञापन
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) में कुछ जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल के आसपास कई निजी जांच केंद्र खुल गए हैं, जहां मरीज पीईटी-सीटी जैसी महंगी जांच करा रहे हैं। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। डीएससीआई के सामने डीडीए मार्केट में स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के कर्मचारी ने बताया कि उनके यहां रोजाना दो से तीन मरीज अस्पताल से पीईटी-सीटी कराने आते हैं। कर्मचारी के मुताबिक, सेंटर में इस जांच के लिए करीब आठ हजार रुपये लिए जाते हैं। मरीजों को कुछ रकम पहले जमा करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर सेंटर की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाती है। दिहाड़ी मजदूर मोहन को अपनी मां सरिता की पीईटी-सीटी जांच कराने के लिए करीब 12 हजार रुपये खर्च करने पड़े। मोहन का कहना है कि उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। मरीजों का कहना है कि वे सरकारी अस्पतालों में कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। लेकिन, जब अस्पताल में जरूरी जांच की सुविधा नहीं मिलती, तो उन्हें मजबूरी में निजी सेंटरों में जाना पड़ता है।