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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Proposal to build hostels at DU gets approval.

Delhi NCR News: डीयू में हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 07:16 PM IST
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5889 करोड़ रुपये से बनेंगे नए हॉस्टल व दो पुराने हॉस्टलों का होगा पुनर्निर्माण
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21,895 विद्यार्थियों को मिलेगी आवासीय सुविधा
21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं इमारतों के डिजाइन: प्रो योगेश सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। विश्वविद्यालय में हॉस्टलों की कमी दूर करने और अधिक विद्यार्थियों को परिसर में रहने की सुविधा देने के लिए 5889 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से नए हॉस्टल बनाए जाएंगे और पुराने हॉस्टलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस योजना से कुल 21,895 विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शुरुआत में ढाका, नजफगढ़ और सूरजमल विहार में हॉस्टल बनाए जाएंगे।
डीयू में मंगलवार को कुलपति प्रो योगेश सिंह की अध्यक्षता में कार्यकारी परिषद(ईसी) की बैठक हुई, इसमें हॉस्टल निर्माण की योजना को स्वीकृति दी गई। कुलपति ने कहा कि इन इमारतों के डिजाइन 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में जब कभी पहले हॉस्टल बने थे, तब की परिस्थितियां अलग थी, और आने वाले समय की परिस्थितियां अलग होंगी। इसलिए अगले 100 वर्षों को ध्यान में रख काम किया जा रहा है।
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नए हॉस्टलों पर खर्च होंगे 4027 करोड़ रुपये
योजना के तहत 4027 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनसे 15,758 विद्यार्थियों को रहने की सुविधा मिलेगी। वहीं दो पुराने हॉस्टलों के पुनर्निर्माण पर करीब 1862 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे 6137 विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिन पुराने हॉस्टलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, उनमें जुबली हॉल और पीजी मेन्स हॉस्टल शामिल हैं। कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी मौजूदा हॉस्टल का पुनर्निर्माण होने पर उसका नाम नहीं बदला जाएगा।
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तीन परिसरों में बनेंगे बहुमंजिला हॉस्टल

डीयू की योजना के अनुसार ढाका कॉम्प्लेक्स सूरजमल विहार स्थित पूर्वी परिसर और नजफगढ़ स्थित पश्चिमी परिसर में नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके अलावा रोशनपुरा नजफगढ़ स्थित वीर सावरकर कॉलेज में भी छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाने की योजना है। द्वारका स्थित पश्चिमी परिसर और सूरजमल विहार स्थित पूर्वी परिसर में भी छात्राओं और छात्रों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
हॉस्टलों में मिलेंगी कई जरूरी सुविधाएं
विश्वविद्यालय में निर्माण के लिए उपलब्ध जमीन सीमित होने के कारण हॉस्टल की इमारतों को बहुमंजिला बनाया जाएगा। इनके डिजाइन इस तरह तैयार किए जाएंगे कि परिसर में निर्धारित फ्लोर एरिया रेश्यो(एफएआर) का अधिकतम उपयोग हो सके। हॉस्टल परिसरों में रहने की जगह के साथ डाइनिंग हॉल, दुकानें, कॉमन रूम, रीडिंग रूम और वार्डन के रहने की व्यवस्था भी होगी। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

कॉलेजों से भी हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव मांगे
ईसी ने विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों से अपने यहां नए हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव तैयार करने और उन्हें फंडिंग एजेंसियों के पास भेजने का आह्वान किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का और विस्तार करना है। मालूम हो कि सितंबर की शुरुआत में सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत ढह गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जिसमें छात्र भी थे, वहीं कुछ छात्र घायल भी हुए थे। इसके बाद से हॉस्टल की कमी को देखा जा रहा था। हॉस्टलों की भारी कमी के कारण छात्रों को प्राइवेट पीजी और असुरक्षित इमारतों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। डीयू में हर साल करीब 80 हजार से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं लेकिन डीयू के हॉस्टलों में चार हजार से अधिक सीटें ही उपलब्ध हैं।
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