'तंजील की पत्नी को लेकर भटकता रहा, अस्पतालों ने भर्ती करने से किया इंकार'
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एनआईए अफसर तंजील अहमद जिनकी शनिवार रात दो बाइकसवार बदमाशों ने गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी, के बड़े भाई रागिब, सरकार के रवैये से काफी दुखी हैं।
उनका कहना है कि वो बेहद दुखी हैं कि केंद्र सरकार का कोई मंत्री नहीं आया क्योंकि वो मुसलमान हैं। वो पूछते हैं कि क्या तंजील ने देश के लिए काम नहीं किया था क्या वो शहीद नहीं हैं?
उन्हें दिल्ली सीएम केजरीवाल से भी शिकायत है कि वो आए लेकिन रागिब से नहीं मिले। इसके साथ ही रागिब ने खुलासा किया कि जिस शादी में तंजील गए थे उस शादी में दो संदिग्ध लड़कों को भी देखा गया था। ये दोनों काली पल्सर से आए थे।
जब उन दोनों से पूछा गया कि किसकी शादी में आए हो तो वो बोले इकबाल सिंह के घर शादी है वहीं आए हैं। तब उन दोनों को बताया गया कि ये मोहम्मद इकबाल का घर है।
पुलिस ने भी नहीं की मदद
रागिब ने इस मामले में यूपी पुलिस के ढीले रवैये के बारे में भी खुलासा किया। रागिब बोले कि जब वो तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को लेकर थाने पहुंचे तो पुलिसवालों ने कोई मदद नहीं की।
रागिब आगे बोले कि पुलिस तब जाकर हरकत में आई जब उनके कुछ रिश्तेदार थाने पहुंचे और वहां नारेबाजी करने लगे। तंजील के भाई को तो डॉक्टरों के रवैये पर भी बहुत हैरानी हुई और शायद उस दिन उन्होंने डॉक्टरों का क्रूर चेहरा देखा।
रागिब ने बताया कि जब वो तंजील अहमद की पत्नी फरजाना को लेकर अस्पतालों में पहुंचे तो किसी अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया। यही नहीं कुछ अस्पतालों ने तो ये तक कहा कि उनके पास कोई डॉक्टर नहीं है, वहीं कुछ ने कहा कि अस्पताल बंद हो चुका है।