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कोरोना रिपोर्ट के इंतजार में 18 दिन से नहीं हुई अंत्येष्टि, शव के लिए परिजन काट रहे हैं चक्कर
Thu, 14 May 2020 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 14 May 2020 05:27 AM IST
सार
- पूरे परिवार को संक्रमण का खतरा
- दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की हो रही अवहेलना
- प्रशासन की लापरवाही से परिवार के सभी लोगों की जिंदगी खतरे में
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एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में कोरोना वायरस से मौत के आंकड़े प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, लेकिन एक हृदय विदारक मामले ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 दिन पहले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसका अभी तक उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। वजह है, कोरोना रिपोर्ट में देरी। परिजन दो सप्ताह से अस्पतालों और लैबों के चक्कर काट रहे हैं। बावजूद, न अभी रिपोर्ट आई है और न ही शव मिल पाया है।
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रोहिणी के खेरा खुर्द निवासी सूबे सिंह (65) की 24 अप्रैल की रात को अचानक तबीयत खराब हो गई थी। वह मधुमेह से पीड़ित थे। 25 अप्रैल को उन्हें पास के ही डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से कहा कि पहले मृतक की कोरोना जांच की जाएगी।
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इसका सैंपल एक निजी लैब भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट चार से पांच दिन में आएगी। उसके बाद ही उन्हें शव सौंपा जाएगा। सूबे सिंह के परिजन नवीन बताते हैं कि 5 मई को रिपोर्ट आई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि इसमें कुछ कमी है और दोबारा सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा, लेकिन इस बार निजी लैब ने टेस्ट क्षमता कम होने का हवाला देकर सैंपल लेने से मना कर दिया। इसके बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल नोएडा में सैंपल भेजा गया। वहां भी जांच नहीं हो पाई।
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नवीन का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने उनसे कहा है कि सैंपल दोबारा निजी लैब भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि 15 दिनों से वह अस्पताल और लैबों के चक्कर काट रहे हैं। 26 अप्रैल को उनके ताऊ की मृत्यु हुई थी और अभी तक भी सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं हो पाई है।
पूरे परिवार को संक्रमण का खतरा
नवीन का कहना है कि अगर समय पर जांच रिपोर्ट मिल जाती तो उन्हें पता चल जाता कि उनके ताऊ संक्रमित हैं या नहीं? अब सब लोग परेशान हैं। प्रशासन की इस लापरवाही के चलते परिवार के सभी लोगों की जिंदगी खतरे में आ गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की हो रही अवहेलना
दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले एक आदेश जारी कर कहा था कि दिल्ली में कोरोना की जांच रिपोर्ट 24 से 48 घंटे के अंदर आनी चाहिए। दरअसल, एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया था। जनहित याचिका में कहा गया था कि कोविड-19 की रिपोर्ट दिल्ली में बहुत देरी से आ रही है। इसी वजह से कांटैक्ट ट्रेसिंग टीम सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है और कोविड-19 इंफेक्शन से जुड़े मामले राजधानी में बढ़ रहे हैं।
अभी मुझे मामले की पूरी जानकारी नहीं है। अस्पताल के मोर्चरी विभाग के डॉक्टर से सैंपल की जांच रिपोर्ट के संबंध में जानकारी मिलने के बाद ही कुछ बता सकता हूं।
-डॉक्टर कौशल, मीडिया सेल प्रभारी-डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर अस्पताल