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No Fuel Policy: पुराने वाहनों को राहत देने की मांग करेगी दिल्ली सरकार, सिरसा बोले- फिटनेस जांच को बनाएंगे आधार

Thu, 03 Jul 2025 04:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 03 Jul 2025 04:04 AM IST
सार

राजधानी में 10 साल से अधिक पुराने डीजल, 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध को लेकर दिल्ली सरकार फिटनेस के आधार पर लोगों को राहत देने की मांग करेगी।

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No Fuel Policy: Delhi government will demand relief for old vehicles
Petrol Pumps - फोटो : FREEPIK

विस्तार

राजधानी में 10 साल से अधिक पुराने डीजल, 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध को लेकर दिल्ली सरकार फिटनेस के आधार पर लोगों को राहत देने की मांग करेगी। बुधवार को दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह बात कही। परिवहन मंत्री डाॅ. पंकज कुमार सिंह  ने कहा कि पिछली सरकार ने अगर प्रदूषण नियंत्रण के लिए धरातल पर काम किया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। 

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दोनों मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हम अदालत को बताएंगे कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग में भी सरकार पक्ष रखेगी और बताएगी कि प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं है।
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समग्र नीति और ठोस कार्रवाई जरूरी है। सिरसा और पंकज ने कहा कि देश के अन्य शहरों में फिटनेस के आधार पर पुराने वाहनों की उम्र बढ़ाई जाती है। दोनों ने कहा कि आज जो जो स्थिति पैदा हुई है वह आम आदमी पार्टी की पुरानी सरकार की वजह से है, क्योंकि उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई काम नहीं किया। मजबूरी में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। 
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मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के समक्ष यह मांग रखेंगे कि दिल्ली में भी अन्य राज्यों की तरह पुराने वाहनों को उनके फिटनेस मानकों के आधार पर चलने की अनुमति दी जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।

भाजपा और वाहन कंपनियों की मिलीभगत : आतिशी
आप नेताओं ने पुराने वाहनों को हटाने के फरमान पर आपत्ति जताई है। बुधवार को आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार का यह फरमान वाहन निर्माता कंपनियों से मिलीभगत का नतीजा है। पांच साल में वाहन निर्माता कंपनियों से भाजपा कितना चंदा मिला है, दिल्ली की जनता को बताए।

आतिशी ने कहा भाजपा को दिल्लीवालों की चिंता नहीं है, उन्हें सिर्फ वाहन निर्माता कंपनियों की चिंता है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि सिर्फ पांच माह में ही दिल्ली के बच्चे-बच्चे को समझ आ गया है कि भाजपा को सरकार चलानी नहीं आती है, इन्हें तो बस लोगों को सताना, लूटना, घर उजाड़ना और बर्बाद करना आता है।


10 साल पुरानी कार और बाइक को पेट्रोल नहीं मिलने से प्रदूषण कैसे कम होगा। गाड़ी पुरानी होने का मतलब यह नहीं कि वह अधिक इस्तेमाल की गई है। कई गाड़ियां सात साल में तीन लाख किलोमीटर चल चुकी होती हैं तो कई 15 साल में भी 50,000 किलोमीटर से ज्यादा नहीं चलतीं। 

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