फैसले के बाद निर्भया की मां बोलीं: नाबालिग को पूरी सजा नहीं मिली, इसका हमेशा दुख रहेगा
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निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में दोषियों की उम्र कैद की सजा बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निर्भया के माता-पिता ने कहा कि अदालत का फैसला समाज में रह रहे ऐसे लोगों के लिए संदेश है कि जो अपराध करके कानून से बच जाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने में देरी पर थोड़ी नाखुशी जरूर जाहिर की।
निर्भया की माता आशा देवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि नाबालिग दोषी को उसको किए की सजा नहीं मिली इसका अफसोस हमेशा रहेगा, क्योंकि उसे कानून के मुताबिक सजा मिली। नाबालिग को सजा उसकी उम्र से नहीं उसके कृत्य से तय की जानी चाहिए थी।
इसके लिए कानूनी लड़ाई आगे भी लड़ेंगे। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि निर्भया ज्योति फंड से दुष्कर्म पीड़िताओं की कानूनी और दूसरी मदद करते रहेंगे, इसमें मीडिया का साथ जरूरी है।
बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि फैसले से राहत मिली है
निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि फैसले से राहत मिली है और न्याय मिला है। 10 मई को निर्भया का जन्मदिन आने वाला है यह फैसला उसके लिए श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवतियों के प्रति नेताओं को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए।
पुलिस में और अधिक संख्या में महिलाओं को भर्ती किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध की जांच में तेजी आ पाए। दुष्कर्म जैसे मामलों की सुनवाई के लिए निचली अदालत से उपरी अदालत तक फास्ट ट्रैक अदालत होनी चाहिए।
मीडिया और संघर्ष में साथ देने वालों का धन्यवाद
निर्भया की मां ने हाथ जोड़ कर अपनी बात रखते हुए कहा कि निर्भया को न्याय दिलाने में मीडिया ने बहुत साथ दिया और यदि ऐसे अपराधों के प्रति मीडिया का रोल हमेशा ऐसे रहा तो इस तरह के अपराधी कानून से भाग नहीं सकते। उन्होंने 2012 से अब तक इस संघर्ष में साथ देने वाले सभी लोगों और वर्ग को धन्यवाद दिया।