निर्भया मामले के तीनों दोषी सुप्रीम कोर्ट में जल्द दाखिल करेंगे सुधारात्मक याचिका
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निर्भया मामले के तीन दोषी विनय, अक्षय और पवन एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दाखिल करेंगे। इसमें तीनों जेल में अपने व्यवहार में सुधार का जिक्र कर फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दिया जाए।
विनय, अक्षय और पवन के वकील एपी सिंह ने बताया कि जेल से कागजात नहीं मिलने की वजह से क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने में देरी हो रही है। बुधवार को वह अपने मुवक्किलों से मिलने जेल पहुंचे थे।
उनका आरोप है कि जेल नंबर तीन में बंद होने के बावाजूद काफी प्रयास के बाद उनसे मिलने का मौका मिला। उन्हें याचिका दाखिल करने के लिए दोषियों से कागजात पर हस्ताक्षर करवाने था। उन्होंने बताया कि क्यूरेटिव पिटीशन में नए तत्थों को सामने रखना होता है। इसलिए जेल प्रशासन से जेल में रहते दोषियों के अच्छे कार्यों का ब्यौरा मांगा है।
एपी सिंह ने बताया कि विनय ने जेल में रहते कई अच्छे काम किए हैं। उसने तनावग्रस्त एक कैदी को खुदकुशी करने से बचाया है। वहीं, उसने कई अच्छी पेंटिंग भी बनाई हैं। वह ब्लड डोनेशन कैंप में भी शामिल हुआ। अक्षय जेल में सुधार कार्य के तहत चलाए जा रहे योगा शिविर में शामिल हुआ है।
दोषियों से पूछी गई आखिरी इच्छा
एक फरवरी 2020, शनिवार वो दिन है जब निर्भया के चारों दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को सुबह छह बजे फांसी होनी है। पहले इसके लिए 22 जनवरी की तारीख मुकर्रर थी लेकिन गुनहगारों के कुछ मामले लंबित होने के चलते नया डेथ वारंट जारी कर दिया गया। ऐसे में तिहाड़ जेल के अंदर फांसी से पहले होने वाली प्रक्रियाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर तो ये भी है कि जेल प्रशासन ने दोषियों से उनकी आखिरी इच्छा भी पूछी है।
जेल सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ प्रशासन ने चारों गुनहगारों को नोटिस देकर उनकी आखिरी इच्छा पूछी है। उन्होंने पूछा है कि एक फरवरी को होने वाली फांसी से पहले वह आखिरी बार किससे मिलना चाहते हैं?
गुनहगारों से नोटिस में ये भी पूछा गया है कि अगर उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो फांसी से पहले वो उसे किसके नाम करना चाहते हैं? या फिर उन्हें किसी धार्मिक किताब को पढ़ना हो या फिर किसी धर्मगुरु से मिलने की इच्छा हो तो जेल प्रशासन इसमें उनकी मदद कर सकता है। हालांकि आरोपियों ने इसका क्या जवाब दिया है यह अभी पता नहीं चल सका है।