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स्कूल से निकाले जाने पर 9वीं की छात्रा पहुंची हाईकोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Sep 2018 05:16 AM IST
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दिल्ली के सरकारी स्कूल में दो बार फेल होने पर स्कूल से निकाले जाने के बाद 9वीं की छात्रा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने वकील की मार्फत याचिका में कहा कि छात्र-छात्राएं फेल होने के बावजूद फिर से नियमित तौर पर पढ़ाई करना चाहते हैं
लेकिन दिल्ली सरकार का सर्कुलर जारी होने के बाद हजारों छात्र-छात्राओं को स्कूल से अचानक निकाल दिया गया है। हाईकोर्ट इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा।
याचिका वकील अशोक अग्रवाल ने दायर की है। याचिका में तुगलकाबाद स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा पूजा को स्कूल से निकाले जाने समेत अन्य हजारों छात्रों को स्कूलों से निकाले जाने की बात कही है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने सर्कुलर में स्कूलों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया है कि जो छात्र 9वीं कक्षा में दो बार फेल हुए हैं, उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाए।
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लेकिन दिल्ली सरकार का सर्कुलर जारी होने के बाद हजारों छात्र-छात्राओं को स्कूल से अचानक निकाल दिया गया है। हाईकोर्ट इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा।
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याचिका वकील अशोक अग्रवाल ने दायर की है। याचिका में तुगलकाबाद स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा पूजा को स्कूल से निकाले जाने समेत अन्य हजारों छात्रों को स्कूलों से निकाले जाने की बात कही है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने सर्कुलर में स्कूलों के प्रधानाचार्यों को आदेश दिया है कि जो छात्र 9वीं कक्षा में दो बार फेल हुए हैं, उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाए।
पूजा 9वीं कक्षा में दो बार फेल हो चुकी हैं। तीसरी बार उसे स्कूल में दाखिला मिल गया था। इस बार पास होने के लिए वह मेहनत से पढ़ाई कर रही है, लेकिन पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार का सर्कुलर जारी होने के बाद उसे स्कूल से अचानक निकाल दिया गया।
याचिका में छात्रा ने भी शिक्षा के अधिकार के तहत फिर से स्कूल में पढ़ने की अनुमति मांगी है। वकील ने याचिका में दावा किया कि इस सर्कुलर के जारी होने से दिल्ली के स्कूलों से औसतन 20 हजार छात्र-छात्राओं को निकाला गया है।
याचिका में छात्रा ने भी शिक्षा के अधिकार के तहत फिर से स्कूल में पढ़ने की अनुमति मांगी है। वकील ने याचिका में दावा किया कि इस सर्कुलर के जारी होने से दिल्ली के स्कूलों से औसतन 20 हजार छात्र-छात्राओं को निकाला गया है।