नौ साल के बेटे ने दी गवाही, हत्यारे बाप को हुई सजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत ने नौ वर्षीय बच्चे की गवाही को ठोस मानते हुए पत्नी को प्रताड़ित करने व उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में आरोपी पिता को छह वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने मनोहर लाल (36) को नाबालिग बेटे की गवाही पर भरोसा करते हुए दोषी ठहराया और कहा कि अभियोजन के साक्ष्य साबित करने में सफल रहे हैं कि पत्नी के साथ क्रूरता और उसके आत्महत्या करने के बीच सीधा संबंध है।
अदालत ने कहा कि दोषी के आचरण ने ही उसकी पत्नी संतोष को यह कदम उठाने के लिये बाध्य किया और इस वजह से उसके तीन नाबालिग बच्चे मां के प्यार से वंचित हो गए।
तीन बार दी पिता के खिलाफ गवाही
अदालत ने कहा कि बच्चे ने पुरजोर तरीके से इस तर्क का खंडन किया कि उसे उसकी मां के परिजनों ने समझाया है। मां की मत्यु के बाद अपने एकमात्र जीवित अभिभावक के खिलाफ एक बार नहीं बल्कि तीन बार इस तरह की गवाही देने के लिये अत्यधिक साहस की जरूरत है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार संतोष ने अपने पति के घर में कीटनाशक दवा पीकर जुलाई, 2012 में आत्महत्या कर ली थी। संतोष को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बेटे की शिकायत पर सराय रोहिल्ला थाने में मनोहर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।