{"_id":"6a676b62ac741a5a180a8f06","slug":"nicotine-pouches-not-tobacco-yet-not-safe-who-issues-warning-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-147811-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: तंबाकू नहीं, फिर भी सुरक्षित नहीं निकोटीन पाउच, डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: तंबाकू नहीं, फिर भी सुरक्षित नहीं निकोटीन पाउच, डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। तंबाकू रहित निकोटीन पाउच को सुरक्षित मानने वालों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नई रिपोर्ट चेतावनी लेकर आई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि इनमें तंबाकू की पत्तियां नहीं होतीं, लेकिन मौजूद निकोटीन अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला पदार्थ है। आकर्षक पैकेजिंग, विभिन्न फ्लेवर और सोशल मीडिया प्रचार के जरिये इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाया जा रहा है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इन उत्पादों को अपेक्षाकृत सुरक्षित बताकर पेश किया जाता है, जबकि नियमित सेवन से निकोटीन की लत लग सकती है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि निकोटीन हृदय गति और रक्तचाप बढ़ाता है, लंबे समय में हृदय रोगों का खतरा होता है। किशोरों में मस्तिष्क के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव तथा मुंह और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
संगठन ने जोर दिया कि तंबाकू रहित होने का मतलब स्वास्थ्य के लिए पूर्ण सुरक्षा नहीं है। लोगों को जागरूक करने और युवाओं की पहुंच सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। तंबाकू रहित निकोटीन पाउच को सुरक्षित मानने वालों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की नई रिपोर्ट चेतावनी लेकर आई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि इनमें तंबाकू की पत्तियां नहीं होतीं, लेकिन मौजूद निकोटीन अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला पदार्थ है। आकर्षक पैकेजिंग, विभिन्न फ्लेवर और सोशल मीडिया प्रचार के जरिये इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाया जा रहा है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इन उत्पादों को अपेक्षाकृत सुरक्षित बताकर पेश किया जाता है, जबकि नियमित सेवन से निकोटीन की लत लग सकती है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि निकोटीन हृदय गति और रक्तचाप बढ़ाता है, लंबे समय में हृदय रोगों का खतरा होता है। किशोरों में मस्तिष्क के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव तथा मुंह और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
विज्ञापन
संगठन ने जोर दिया कि तंबाकू रहित होने का मतलब स्वास्थ्य के लिए पूर्ण सुरक्षा नहीं है। लोगों को जागरूक करने और युवाओं की पहुंच सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन