हिरासत में धमाकों की साजिश रच रहे हैं आतंकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के कथित आतंकी तेहसीन अख्तर व जिया उर रहमान हिरासत में होने के दौरान भी पाकिस्तान में बैठे सरगनाओं की मदद से देश में धमाकों की साजिश रच रहे हैं। यह बयान शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान दिया।
पटियाला हाउस अदालत के जिला न्यायाधीश आईएस मेहता के समक्ष एनआईए ने कहा कि इन आतंकियों को नेपाल व यूएई से आर्थिक सहायता मिलती है।
आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए इन देशों में अधिकारियों से संपर्क कर लेटर ऑफ रोगेटरी (एलआर) जारी किए गए हैं। शुक्रवार को दोनों को एनआईए कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 14 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
धमाके में हुई थी 16 की मौत
एजेंसी ने दोनों आतंकियों के खिलाफ चल रही जांच की अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने का आग्रह किया लेकिन यह नहीं बताया कि आरोपी एनआईए व स्पेशल सेल की हिरासत में होते हुए किस तरह वारदात की साजिश कर रहे हैं।
पुलिस ने दोनों को मार्च 2014 में गिरफ्तार किया था। एनआईए की हैदराबाद यूनिट ने तेहसीन और जिया उर रहमान को हैदराबाद से लाकर कोर्ट में पेश किया।
हैदराबाद के दिलसुख नगर में कोनार्क व वेंकटगिरी थियेटर के नजदीक 21 फरवरी 2013 को हुए दोहरे धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इन धमाकों में सोलह लोगों की मौत हो गई थी।