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पराली जलाने पर यूपी, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिव तलब, प्रदूषण पर एनजीटी सख्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:47 AM IST
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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाने से नाराज राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के मुख्य सचिवों तथा केंद्रीय कृषि सचिव को 15 नवंबर को तलब किया है। एनजीटी ने कहा कि सभी अधिकारी इस समस्या के स्थायी और दीर्घकालीन समाधान के साथ पेश हों।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को जारी विस्तृत आदेश में कहा कि सरकार चाहे तो फसल अवशेष प्रबंधन और वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकती है।
एनजीटी ने कहा कि वह पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामला चलाने के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय खेत निरीक्षण के आधार पर तैयार खसरे से तय किया जाए कि जिन किसानों ने पराली जलाई है, उन्हें मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लाभ में कटौती की जाए।
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वहीं, पराली नहीं जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ मुहैया कराए जाए। इस तरह की योजना पर 14 नवंबर तक निर्णय लिया जाना चाहिए और इसे अधिसूचित किया जाना चाहिए।
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को जारी विस्तृत आदेश में कहा कि सरकार चाहे तो फसल अवशेष प्रबंधन और वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकती है।
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एनजीटी ने कहा कि वह पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामला चलाने के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय खेत निरीक्षण के आधार पर तैयार खसरे से तय किया जाए कि जिन किसानों ने पराली जलाई है, उन्हें मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लाभ में कटौती की जाए।
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वहीं, पराली नहीं जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ मुहैया कराए जाए। इस तरह की योजना पर 14 नवंबर तक निर्णय लिया जाना चाहिए और इसे अधिसूचित किया जाना चाहिए।
पीठ ने कहा कि वह केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना नहीं कर रहे, बल्कि राज्यों की रिपोर्ट स्पष्ट करती हैं कि कृषि मंत्रालय व संबंधित राज्यों की तरफ से संजीदा कदम नहीं उठाए गए हैं। इसकी वजह से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की सेहत भी प्रभावित हो रही है। इस कारण वह जल्द सुनवाई करेगी।
देर रात से सुबह तक ट्रकों को प्रवेश की अनुमति
ईपीसीए ने दिल्ली की बाहरी सीमाओं पर खड़े एक हजार से अधिक ट्रकों को 12 नवंबर की रात 11 बजे से 13 नवंबर की सुबह 7 बजे तक बिना टोल टैक्स और पर्यावरण शुल्क की अदाएगी के प्रवेश का आदेश दिया गया है।
देर रात से सुबह तक ट्रकों को प्रवेश की अनुमति
ईपीसीए ने दिल्ली की बाहरी सीमाओं पर खड़े एक हजार से अधिक ट्रकों को 12 नवंबर की रात 11 बजे से 13 नवंबर की सुबह 7 बजे तक बिना टोल टैक्स और पर्यावरण शुल्क की अदाएगी के प्रवेश का आदेश दिया गया है।