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Delhi NCR News: सीवर प्रबंधन पर एनजीटी सख्त, दिल्ली जल बोर्ड से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
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-अधिकरण ने स्पष्ट किया कि पहले दिए गए निर्देशों के पालन में अस्पष्टता और देरी स्वीकार्य नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने सीवर प्रबंधन से जुड़े एक मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को पूर्व आदेशों के अनुपालन पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि पहले दिए निर्देशों के पालन में अस्पष्टता और देरी स्वीकार्य नहीं है। सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष हुई। आवेदकों ने अधिकरण को बताया कि 7 नवंबर 2025 के आदेश, जिसमें स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे, का अब तक पूर्ण पालन नहीं किया गया है।
सुनवाई में यह भी सामने आया कि दिल्ली जल बोर्ड ने अपने प्रतिवेदन में मैनहोल में एक अतिरिक्त केबल होने की बात स्वीकार की है, लेकिन उसे हटाने की कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हुई। इस पर अधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए बोर्ड को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट करे कि निरीक्षण की स्थिति क्या है, केबल हटाई गई है या नहीं, और यदि नहीं हटाई गई है तो उसे हटाने की समय-सीमा क्या होगी। इसके अलावा, गली नंबर 6, जी ब्लॉक में सीवर पाइपलाइन बदलने से जुड़ी शिकायत पर भी अधिकरण ने नाराजगी जताई। शिकायत को कार्य प्रगति पर है बताकर बंद कर दिया गया था, जबकि कार्य की वास्तविक स्थिति का कोई ठोस विवरण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे विरोधाभास उत्पन्न हुआ। अधिकरण ने डीजेबी के अनुरोध पर सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को तय की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने सीवर प्रबंधन से जुड़े एक मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को पूर्व आदेशों के अनुपालन पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि पहले दिए निर्देशों के पालन में अस्पष्टता और देरी स्वीकार्य नहीं है। सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष हुई। आवेदकों ने अधिकरण को बताया कि 7 नवंबर 2025 के आदेश, जिसमें स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे, का अब तक पूर्ण पालन नहीं किया गया है।
सुनवाई में यह भी सामने आया कि दिल्ली जल बोर्ड ने अपने प्रतिवेदन में मैनहोल में एक अतिरिक्त केबल होने की बात स्वीकार की है, लेकिन उसे हटाने की कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हुई। इस पर अधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए बोर्ड को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट करे कि निरीक्षण की स्थिति क्या है, केबल हटाई गई है या नहीं, और यदि नहीं हटाई गई है तो उसे हटाने की समय-सीमा क्या होगी। इसके अलावा, गली नंबर 6, जी ब्लॉक में सीवर पाइपलाइन बदलने से जुड़ी शिकायत पर भी अधिकरण ने नाराजगी जताई। शिकायत को कार्य प्रगति पर है बताकर बंद कर दिया गया था, जबकि कार्य की वास्तविक स्थिति का कोई ठोस विवरण रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे विरोधाभास उत्पन्न हुआ। अधिकरण ने डीजेबी के अनुरोध पर सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को तय की गई है।
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