विमानों के ध्वनि प्रदूषण पर एनजीटी को ऐतराज, मंत्रालय से मांगा जवाब
एनजीटी ने इस मामले में नागरिक विमानन मंत्रालय और नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
वहीं, पीठ ने इस बीच ध्वनि प्रदूषण याची से अपनी सिफारिशें भी दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने गैर सरकारी संस्था चेतना और हवाईअड्डे के निकट मौजूद आवासीय कालोनियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
22 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
याची के ओर से देशभर के हवाईअड्डों पर ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए मानक तय करने की मांग की गई है। पीठ ने प्राधिकरणों से कहा है कि वह हलफनामा दाखिल कर यह बताएं कि उन्होंने आस-पास बसी आवासीय कालोनियों को ध्वनि प्रदूषण से बचाने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए हैं।
पीठ ने कहा कि प्राधिकरण बताएं कि हवाईअड्डे पर ध्वनि स्तर के मानकों और ध्वनि क्षेत्र के बारे में अभी तक कोई अधिसूचना जारी की गई है या नहीं।
इसके अलावा पीठ ने मंत्रालय और प्राधिकरण से रोजाना इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरने और उतरने वाले हवाई जहाजों की संख्या और समय सारिणी भी पेश करने को कहा है।
पीठ ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े दिन-रात और अलग-अलग समय के होने चाहिए। हाल ही में एनजीटी ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि रात के समय हवाई जहाजों की उड़ान क्यों नहीं रोक देनी चाहिए।