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औद्योगिक प्रदूषण की जांच के लिए एनजीटी ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
Sun, 03 Mar 2019 04:35 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 04:35 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गाजियाबाद जिले में सूर्या नगर स्थित एक्सप्रेस इंजीनियरिंग एंड स्पेयर प्राइवेट लिमिटेड में प्रदूषण की जांच का आदेश दिया है। याची की ओर से संबंधित यूनिट की हालिया जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाया गया था। इसके बाद पीठ ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर एक महीने के भीतर जांच करने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी), गाजियाबाद नगर निगम की संयुक्त समिति यूनिट की जांच करेगी। प्रदूषण पाए जाने पर समिति जांच और कार्रवाई रिपोर्ट भी ट्रिब्यूनल में दाखिल करेगी।
इस मामले पर अब दो मई को सुनवाई होगी। पीठ ने कहा कि 13 फरवरी को दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित यूनिट रिपेयरिंग, सर्विसिंग, मैन्यूफैक्चरिंग के काम में शामिल नहीं है। यूनिट के जरिए प्रदूषण नहीं फैलाया जा रहा।
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याची ने इसके विरुद्ध पेश तस्वीरों में दावा किया है कि यूनिट के जरिये ध्वनि और वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। पीठ ने इस आपत्ति के बाद कहा कि जरूरी है कि जांच रिपोर्ट को सत्यापित किया जाए।
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जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी), गाजियाबाद नगर निगम की संयुक्त समिति यूनिट की जांच करेगी। प्रदूषण पाए जाने पर समिति जांच और कार्रवाई रिपोर्ट भी ट्रिब्यूनल में दाखिल करेगी।
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इस मामले पर अब दो मई को सुनवाई होगी। पीठ ने कहा कि 13 फरवरी को दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित यूनिट रिपेयरिंग, सर्विसिंग, मैन्यूफैक्चरिंग के काम में शामिल नहीं है। यूनिट के जरिए प्रदूषण नहीं फैलाया जा रहा।
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याची ने इसके विरुद्ध पेश तस्वीरों में दावा किया है कि यूनिट के जरिये ध्वनि और वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है। पीठ ने इस आपत्ति के बाद कहा कि जरूरी है कि जांच रिपोर्ट को सत्यापित किया जाए।