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बाल मजदूर छुड़ाने गई टीम को दौड़ाकर पीटा

Fri, 21 Nov 2014 02:14 PM IST
Updated Fri, 21 Nov 2014 02:14 PM IST
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NGO team workers beaten in child rescue.

गाजियाबाद के राजनगर में सपा नेता के उद्यमी रिश्तेदार की कोठी में दो किशोरियों के उत्पीड़न की सूचना पर पहुंची एनजीओ टीम और पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कोठी में टीम की पिटाई करने के बाद बरामद किशोरी को छुड़ा लिया गया।

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इस दौरान पुलिसकर्मी और श्रम विभाग के अफसर वहां से भाग गए। काफी देर हंगामा और गहमागहमी के बाद टीम में शामिल युवती ने अभद्रता और हाथापाई का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी है। वहीं, उद्यमी ने भी एनजीओ टीम पर दो लाख रिश्वत मांगने और घर में मौजूद महिला से अभद्रता करने की शिकायत की है।
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राजनगर सेक्टर-9 में एक डिटर्जेंट पाउडर कंपनी के संचालक रहते हैं। वे एक  सपा नेता के रिश्तेदार हैं। दो किशोरियों के उत्पीड़न की सूचना पर बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे प्रेरणा बाल सेवा संस्थान के संचालक तरुण पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और श्रम विभाग की टीम के साथ कोठी में पहुंचे।
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एनजीओ टीम को पिटता देख, पुलिसवाले हुए रफूचक्कर

NGO team workers beaten in child rescue.

कोठी में उद्यमी की पत्नी, बेटा, चौकीदार और एक 13-14 साल की किशोरी मौजूद थे। तरुण की सहकर्मी युवती परिचय देते हुए किशोरी से बात करने लगी। किशोरी झारखंड की बताई जा रही है। इस पर कोठी में मौजूद युवक और चौकीदार ने एनजीओ टीम और पुलिस को धक्का देकर बाहर कर दिया और लड़की को अंदर ले गए।

उनका कहना था किए उद्यमी घर पर नहीं हैं। तरुण का आरोप है कि इस दौरान उद्यमी और कुछ युवक वहां आए, उन्होंने उनके साथ मारपीट की और सहकर्मी युवती से अभद्रता और जबरदस्ती की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब एनजीओ वालों की पिटाई हो रही थी, उस दौरान कुछ पुलिसवाले रफूचक्कर हो गए, जबकि कई मूकदर्शक बने रहे।

दूसरी तरफ, उद्यमी का आरोप है कि एनजीओ संचालक ने उनसे दो लाख रुपये रिश्वत मांगी और पत्नी के साथ अभद्रता की। कविनगर एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि दोनों पक्षों ने तहरीर पुलिस को दी है। पुलिस जांच कर रही है। इस घटनाक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता की गई।

लड़की को रखते थे भूखा: तरुण

NGO team workers beaten in child rescue.

एनजीओ संचालक तरुण ने बताया कि कोठी के अंदर मिली किशोरी ने बताया था कि उसे भूखा रखा जाता है। किशोरी ने दो दिन पहले कोठी से भागने की भी कोशिश की थी।

लड़की बालिग: उद्यमी
उद्यमी का कहना है कि लड़की को वह दिल्ली की एक संस्था से लेकर आए हैं। लड़की बालिग है और सारे दस्तावेज उनके पास हैं।

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