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मोरनी के नवजात बच्चों पर आई बला तो इनसानों ने किया भला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 29 Oct 2018 05:37 PM IST
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
आश्रय गृहों मे इनसान किन हालात में जीवन बसर करते हैं यह बात तो किसी से छिपी हुई नहीं है लेकिन नोएडा सेक्टर 120 की एक सोसायटी वालों ने जो शेल्टर होम बनाया था उसमें एक मोरनी के नवजात बच्चे न केवल कुछ समय के लिए महफूज रहे बल्कि उनके लिए वह ठिकाना अपने जीवन की एक नई शुरुआत भी साबित हुआ। बेशक, इस शुरुआत का आधार इनसान और जानवर के बीच सदियों से चला आ रहा प्यार ही है।
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दरअसल, एक मोरनी के नवजात बच्चे नोएडा सेक्टर 120 की आम्रपाली जोडियक सोसाइटी के फ्लैट की पहली मंजिल पर जन्मे थे। लेकिन जन्म के तीन-चार दिनों के बाद अचानक से नीचे गिरे तो उन्हे आसपास के इनसानी हाथों ने थाम लिया। कुत्ते-बिल्ली और अन्य जानवरों के अलावा दीगर खतरों से बचाने की खातिर लोगों ने मच्छरदानी का एक शेल्टर होम बना दिया। दाने-पानी का इंतजाम किया।
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इसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई और बच्चों को सेक्टर 94 के एनिमल शेल्टर होम पहुंचा दिया गया। लेकिन जानवरों के आश्रय स्थल तक पहुंचने की कहानी कई मोड़ लिये हुए है। बताया जाता है कि पहले जब वन विभाग को इन बच्चों के बारे में बताया गया तो कोई जवाब नहीं आया लेकिन बाद में जब एक गैर सरकारी संगठन इस मामले में सक्रिय हुआ तो बच्चों का पुनर्वास संभव हो सका।
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