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नए साल में मिलेगा सस्ते मकानों का तोहफा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 01 Jan 2015 12:54 PM IST
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नई उम्मीद, नया उत्साह और नए सपनों के साथ महानगर नववर्ष 2015 के स्वागत को तैयार है। नए साल में शहरवासियों को और अधिक सस्ते मकानों का तोहफा मिल सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के बाद पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड वाले प्रोजेक्ट गति पकड़ सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से सस्ते मकान, नार्दर्न पेरीफेरल रोड आदि के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण कानून में प्रोजेक्ट की खातिर जमीन लेने में किसानों की सहमति का प्रावधान शामिल किया गया था। संशोधन के बाद अब इसमें थोड़ी छूट दी गई है। पीपीपी प्रोजेक्ट्स के लिए 70 फीसदी किसानों की सहमति चाहिए होगी।
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हालांकि गांवों के विकास, सस्ते हाउसिंग प्रोजेक्ट, बिजली व पीपीपी मोड वाले इंडिस्ट्रयल कॉरिडोर या बुनियादी संरचना से जुड़े प्रोजेक्टों के लिए अधिग्रहण पर जमीन मालिकों की इजाजत की अनिवार्यता खत्म करने की बात है।
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केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के बाद पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड वाले प्रोजेक्ट गति पकड़ सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से सस्ते मकान, नार्दर्न पेरीफेरल रोड आदि के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
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भूमि अधिग्रहण कानून में प्रोजेक्ट की खातिर जमीन लेने में किसानों की सहमति का प्रावधान शामिल किया गया था। संशोधन के बाद अब इसमें थोड़ी छूट दी गई है। पीपीपी प्रोजेक्ट्स के लिए 70 फीसदी किसानों की सहमति चाहिए होगी।
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हालांकि गांवों के विकास, सस्ते हाउसिंग प्रोजेक्ट, बिजली व पीपीपी मोड वाले इंडिस्ट्रयल कॉरिडोर या बुनियादी संरचना से जुड़े प्रोजेक्टों के लिए अधिग्रहण पर जमीन मालिकों की इजाजत की अनिवार्यता खत्म करने की बात है।