CJP संसद मार्च का नया वीडियो: जिस ट्रक में सवार थे दीपके, गीतांजलि, शबाना और प्रकाश राज, उसे पुलिस ने ऐसे रोका
शहर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं। एक गाड़ी पर कार्रवाई की गई, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। लोगों के साथ मारपीट के आरोप लगे, जिन्हें पुलिस ने खारिज किया।
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सुरक्षाबलों ने अभिजीत दीपके की गाड़ी को रोकने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया और लोगों के साथ मारपीट भी हुई। सबसे पहले, धीरे-धीरे सुरक्षाबल अभिजीत दीपके की गाड़ी के पास पहुंचे। उन्होंने गाड़ी के आगे खड़े होकर उसे रोक दिया। इसके बाद गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिसकर्मियों ने लाठी मारकर गाड़ी के चालक को नीचे उतार लिया और टायरों की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस ने अभिजीत दीपके का माइक तोड़ दिया। इस गाड़ी में दीपके के अलावा, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि, अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज के अलावा अन्य लोग भी सवार थे।
अभिजीत ने महिलाओं को आगे आने की अपील की थी
पुलिसवालों के लाठीचार्ज से बचने के लिए अभिजीत दीपके ने करीब 1 बजे माइक पर महिलाओं को आगे आने की घोषणा की थी। माइक टूटने के बाद भी सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लोगों से संवाद करने की कोशिश की। अभिजीत दीपके के अनुसार, ड्राइवर को पीटा गया और गाड़ी के शीशे भी तोड़े गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक की पत्नी के भी बाल खींचे गए। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
इन इलाकों में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों में होती रही झड़प
प्रदर्शनकारियों के संसद कूच ने पूरी लुटियंस दिल्ली को जाम और तनाव में डाल दिया। संसद मार्ग, अशोक रोड, रफी मार्ग, पंत मार्ग, महादेव रोड और कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में दिन भर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होती रहीं। पुलिस ने कई दौर में लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पत्थर फेंके गए।
कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के गेट तक पहुंचे
हंगामे के बीच कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य प्रवेश द्वार बंद करना पड़ा। देर शाम तक जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन जारी रहा। हालात बिगड़ने पर कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। इंटरनेट सेवाएं भी शाम तक प्रभावित रहीं। इधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर देर शाम खाली करवा लिया है। इससे पहले सीजेपी की अपील पर रविवार शाम से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू हो गया था। पुलिस ने जंतर-मंतर से संसद तक 24 स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए थे। बसों और अन्य भारी वाहनों को भी सड़कों पर खड़ा किया गया था लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से संसद की ओर बढ़ते रहे।
समर्थकों के हुजूम के आगे पुलिस के प्रयास रहे विफल
तयशुदा समय सुबह करीब नौ बजे सीजेपी के संस्थापक और अन्य नेताओं ने समर्थकों संसद कूच का आह्वान किया। इसके बाद संसद मार्ग, रफी मार्ग समेत दूसरे कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पहले उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन समर्थकों के हुजूम के आगे उनके प्रयास विफल साबित हुए हैं। हालात बिगड़ने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। भगदड़ के बीच संसद मार्ग पर लोगों के बैग, चप्पल और अन्य सामान बिखरे नजर आए। कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
दोपहर तक संसद मार्ग, रफी मार्ग, पंत मार्ग और एयर इंडिया कार्यालय के पास लगातार झड़पें होती रहीं। करीब सवा बारह बजे एसबीआई बिल्डिंग के पास प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे धकेला। इस दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। दिनभर चले हंगामे के बीच कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए। संसद सत्र के दौरान प्रदर्शनकारियों के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर मुख्य गेट बंद कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
जंतर मंतर पहुंचे कई नेता
प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए सपा सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आप नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी मौके पर पहुंचे। अभिनेत्री शबाना आजमी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके समेत आइसा के छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।