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झूठी मौत से छह महीने पहले रचाई शादी!

Mon, 22 Sep 2014 05:42 PM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 05:42 PM IST
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New turn in chandramohan case.

आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन शर्मा कांड में पुलिस के हाथ एक नया सुबूत लगा है, जिससे एक बार फिर इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

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अपनी मौत की झूठी घटना को अंजाम देने से छह महीने पहले ही चंद्रमोहन ने अपनी प्रेमिका प्रीति से दादरी के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी।

अपना और पिता का नाम सही लिखाया लेकिन पता गलत था। चंद्रमोहन ने खुद को दिल्ली निवासी बता कर शादी की थी। नाम-पते का आईडी प्रूफ न दे पाने के कारण मंदिर की ओर से इनकी शादी का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था।

दरअसल, दो मई, 2014 को अपनी मौत को अंजाम देने के बहाने से गायब हुए चंद्रमोहन की गिरफ्तारी हुई तो क्षेत्र ही नहीं प्रदेश के लोग भी हतप्रभ रह गए।

पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि चंद्रमोहन ने 28 नवंबर 2013 को दादरी के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। शादी से पहले मंदिर में दोनो ने चंद्रमोहन और प्रीति के नाम से ही अपनी-अपनी पहचान कराई लेकिन उसने पता दिल्ली का लिखवाया था।
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चंद्रमोहन से जब पुरोहित ने दस्तावेज मांगे तो कहा गया कि वह इस समय लेकर नहीं आया है लेकिन जल्द ही पहुंचा देगा, फिलहाल उसकी शादी करा दी जाए।

अवैध है शादी, होगी कार्रवाई

New turn in chandramohan case.

उसकी गुजारिश पर आर्य समाज मंदिर के पुरोहित ने शादी करा दी मगर मंदिर की ओर से उसे प्रमाणपत्र जारी नहीं किया क्योंकि उसने कोई आईडी नहीं दी थी। पुलिस ने इस बारे में चंद्रमोहन की पत्नी सविता शर्मा से भी पूछताछ की लेकिन उसने कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया।

अवैध है शादी, होगी कार्रवाई
आर्य समाज मंदिर के मंत्री ऋषिपाल राणा ने बताया कि मंदिर में शादी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है लेकिन शादी कराने से पहले युवक-युवती के दस्तावेज देखे जाते हैं। इसके लिए उम्र व जाति प्रमाणपत्र और उनके आईडी प्रूफ लिए जाते हैं। सभी दस्तावेज मिलने के बाद ही पुरोहित शादी कराते हैं और मंदिर की ओर से प्रमाणपत्र भी देते हैं। यदि प्रमाणपत्र नहीं दिया गया तो मंदिर की ओर से शादी अवैध मानी जाएगी। इस मामले में जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।

पहले ही तैयार कर ली थी योजना
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि चंद्रमोहन की शादी आर्य समाज मंदिर में हुई है। जांच में कुछ अहम जानकारी मिली है, जिसके आधार पर युवती और चंद्रमोहन के बारे में यह कहा जा सकता है कि इन दोनों ने काफी समय पहले ही इस पूरी योजना का खाका तैयार कर लिया था, ताकि उनके रास्ते में कोई रोड़ा न आए।

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