इंतजार में गुजर गया पूरा साल, मरीजों को नई ओपीडी का तोहफा नहीं दे पाया एम्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की नई ओपीडी के इंतजार में ही ये पूरा साल निकल गया। इस साल एम्स प्रबंधन भी देश के लाखों मरीजों को नए ओपीडी ब्लॉक का तोहफा देने की तैयारी में था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 10 हजार रोगियों की क्षमता वाली इस ओपीडी ब्लॉक के तैयार होने के बाद जब अंतिम निरीक्षण किया गया तो विभागाध्यक्षों ने ऑपरेशन थियेटर में काफी खामियां गिनाना शुरू कर दिया।
इससे ओपीडी ब्लॉक के शुरू होने की अटकलें और आगे बढ़ गईं। अब एक बार फिर ब्लॉक बनकर तैयार है और एम्स प्रबंधन नए साल 2020 में इसका फीता कटवाने की तैयारी में है। ओपीडी ब्लॉक के साथ ही देश को एम्स में 200 बिस्तरों की क्षमता वाले सर्जरी ब्लॉक की सौगात भी मिल सकती है।
एम्स प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि साल 2019 में झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनआईसी), ओपीडी ब्लॉक और सर्जरी ब्लॉक के शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन एनआईसी ही शुरू हो सका। अब जल्द ही एम्स में ओपीडी और सर्जरी ब्लॉक शुरू होगा। एक से दो महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन इसका उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए एम्स के ही जवाहर लाल नेहरू ऑडिटोरियम में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2012 से झज्जर में कैंसर संस्थान बनाने का काम चल रहा था, लेकिन वर्ष 2019 में मरीजों को लाभ मिलना शुरू हुआ।
मास्टर प्लान के भाग हैं नए ब्लॉक
देश का सबसे बड़ा चिकित्सीय संस्थान इन दिनों नए मास्टर प्लान पर काम कर रहा है। इसके तहत एम्स परिसर में कई ब्लॉक के अलावा आवासीय परिसर आदि शामिल हैं। अभी तक एम्स परिसर कई भागों में बंटा है। इन सब को आसपास लाने के बाद वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।
एम्स परिसर की ऐसे बदलेगी सूरत
तय योजना के अनुसार एम्स के गेट नंबर-1 के पास राजकुमार अमृता कौर ओपीडी ब्लॉक के अलावा आसपास टीनशेड आदि में विभागों की ओपीडी संचालित हैं। मेडिकल जांच, रक्त नमूना काउंटर आदि के लिए अलग जगह हैं। इन सभी को एक ही इमारत में लाने के लिए ओपीडी ब्लॉक तैयार किया है। इस ब्लॉक के भूतल पर ही मरीज को कार्ड बनाने से लेकर रक्त नमूना जमा करने आदि की सुविधा मिलेगी। पास में ही पार्किंग भी मिलेगी।
अगर कोई मरीज एम्स की सिर्फ ओपीडी में ही जाता है तो वह सीधे ओपीडी में दिखाने के बाद अपने घर जा सकता है। उसे इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ठीक ऐसा ही सर्जरी ब्लॉक शुरू होने के बाद देखने को मिलेगा। अभी तक एम्स में छह माह से डेढ़ साल तक की वेटिंग मिल रही है, जबकि पीडिएट्रिक कार्डियो सर्जरी जैसे कुछ विभागों में वेटिंग चार से पांच वर्ष तक की है। सर्जरी ब्लॉक शुरू होने से काफी हद तक वेटिंग कम होने की उम्मीद एम्स प्रबंधन को है।
नए साल में ये सुविधा मिलने की उम्मीद
सर्जरी ब्लॉक : 200 बिस्तर, 12 ऑपरेशन थियेटर। इमारत होगी तैयार।
ओपीडी ब्लॉक : 570 कमरे, 10 हजार रोगियों की क्षमता प्रतिदिन, पूरी तरह से बनकर तैयार।
2020 में इन्हें भी पूरा करा सकता है एम्स
मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक : 70 फीसदी से ज्यादा हो चुका है निर्माण कार्य, 425 बिस्तर होंगे।
प्राइवेट वार्ड : 80 फीसदी से ज्यादा निर्माण कार्य हो चुका, 113 कमरे होंगे।
बर्न एंड प्लास्टिक ब्लॉक : 85 फीसदी से ज्यादा निर्माण कार्य हो चुका, 100 बिस्तर होंगे।