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पैदा हुआ बच्चा तो परिवार से लेकर डॉक्टर-नर्स तक रह गए हैरान, शरीर में नहीं थे निजी अंग और कान

Wed, 26 Sep 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Sep 2018 12:37 PM IST
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new born in delhi with rarest disease with no ear and private part died after few hours

देश की राजधानी के एक अस्पताल में ऐसे बच्चे के जन्म का मामला सामने आया है, जिससे न सिर्फ बच्चे का परिवार बल्कि रोजाना सैकड़ों मामले देखने वाले डॉक्टर भी हैरान हैं। डॉक्टरों को भी अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा कि जन्म लेने वाले नवजात के शरीर में दो बहुत महत्वपूर्ण अंग हैं ही नहीं। इसी वजह से इस बच्चे को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर कहा जा रहा है।

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बता दें कि दिल्ली के एमसीडी के कस्तूरबा गांधी अस्पताल में एक बच्चे का जन्म हुआ जिसकी त्वचा सफेद थी। यही नहीं उसके मुंह का आकार भी सामान्य से बड़ा था। बच्चे को देखकर डॉक्टर इसलिए भी चौंक गए क्योंकि उसके कान और प्राइवेट पार्ट नहीं थे।
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बच्चे के होंठ बड़े-बड़े थे और आंखों का पूरी तरह विकास नहीं हुआ था। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हाथ-पैर भी नहीं मुड़ पा रहा था। यह बच्चा ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह सका और जन्म के कुछ समय बाद ही मर गया। बताया जा रहा है कि मुस्तफाबाद की रहने वाली 20 साल की महिला ने बच्चे को जन्म दिया था।

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30 लाख में एक बच्चे को होती है ये बीमारी

अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संगीता नांगिया ने जानकारी दी कि मेडिकल जगत में यह केस रेयर है। उन्होंने बताया कि 30 लाख में से एक बच्चा इस बीमारी का शिकार होता है। यह एक जेनेटिक बीमारी है और वैज्ञानिक भाषा में इसका नाम हार्लेक्विन इक्थीयोसिस है।

डॉ. संगीता के अनुसार जब शरीर में प्रोटीन और म्यूकस मेंब्रेन नहीं बनती है तो बच्चे की त्वचा बहुत सख्त और मोटी के साथ-साथ सफेद हो जाती है। यह रोग एबीसीए 12 जीन की खराबी की वजह से होती है।

इस जीन में खराबी की वजह से त्वचा के नीचे चर्बी नहीं बन पाती जिससे त्वचा कठोर और सूखी हो जाती है। बच्चे की आंख भी पूरी तरह से नहीं बन पाती। सबसे बड़ी बात तो ये कि अल्ट्रासाउंड में इस बीमारी के बारे में मालूम नहीं हो पाता। इस रोग से ग्रसित बच्चों की एक महीने में मौत हो जाती है।

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