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Delhi NCR News: नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर रेहड़ी-पटरी निषिद्ध क्षेत्र घोषित
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हाईकोर्ट ने कहा, 90 चिह्नित विक्रेताओं अस्थायी राहत, 12 अक्तूबर तक इन्हें निर्धारित स्थल पर जाना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेहरू प्लेस में अब रेहड़ी-पटरी नहीं लगेंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन (रेहड़ी-पटरी निषिद्ध क्षेत्र ) घोषित कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्थल को छोड़कर पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर में रेहड़ी-पटरी लगाना प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, पहले के न्यायिक आदेशों से संरक्षित या मौजूदा मामले में पक्षकार 90 चिह्नित विक्रेताओं को फिलहाल एक निर्धारित स्थल पर वेंडिंग की अनुमति दी गई है। यह अनुमति टाउन वेंडिंग कमेटी-द्वितीय (टीवीसी) के अंतिम निर्णय तक ही रहेगी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने कहा कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में बार-बार दिए गए न्यायिक आदेशों के मद्देनजर यह क्षेत्र नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन है। इसलिए चिह्नित विक्रेताओं को छोड़कर अन्य विक्रेताओं को यहां वेंडिंग का कोई वैध अधिकार नहीं है। खंडपीठ ने कहा, यदि स्ट्रीट वेंडर्स नो-वेंडिंग जोन में वेंडिंग कर रहे हैं, तो एमसीडी या संबंधित प्राधिकरण का कर्तव्य है कि उन्हें नो-वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने में सहायता करे, ताकि उन्हें आजीविका कमाने का व्यावहारिक विकल्प मिल सके।
यह मामला नेहरू प्लेस में हॉकिंग और वेंडिंग से जुड़े कई याचिकाओं और एक अवमानना याचिका से जुड़ा है। 2009 में मनुषी संगठन बनाम डीडीए मामले में 67 विक्रेताओं को नेहरू प्लेस के एक निर्धारित क्षेत्र में वेंडिंग की अनुमति दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस स्थिति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान में नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में 400 से अधिक विक्रेता वेंडिंग कर रहे हैं जिनमें से अधिकांश स्पष्ट रूप से अनधिकृत हैं।
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12 के बाद अनधिकृत विक्रेताओं को हटाएगी एमसीडी
चिह्नित 90 विक्रेताओं को 12 अक्तूबर तक निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित होने का निर्देश दिया गया है। 12 अक्तूबर के बाद एमसीडी को सभी अनधिकृत विक्रेताओं को हटाने की अनुमति दी गई है। हटाने के बाद दिल्ली फायर सर्विसेज को डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली पुलिस को भी एमसीडी और डीडीए के साथ सहयोग करने का आदेश दिया गया है। वहीं, टीवीसी-द्वितीय यह तय करेगी कि क्या ये विक्रेता वेंडिंग सर्टिफिकेट के हकदार हैं और यदि हां, तो किस क्षेत्र में। यह निर्णय टीवीसी-द्वितीय के गठन के दो महीने के भीतर लिया जाना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेहरू प्लेस में अब रेहड़ी-पटरी नहीं लगेंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन (रेहड़ी-पटरी निषिद्ध क्षेत्र ) घोषित कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्थल को छोड़कर पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर में रेहड़ी-पटरी लगाना प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, पहले के न्यायिक आदेशों से संरक्षित या मौजूदा मामले में पक्षकार 90 चिह्नित विक्रेताओं को फिलहाल एक निर्धारित स्थल पर वेंडिंग की अनुमति दी गई है। यह अनुमति टाउन वेंडिंग कमेटी-द्वितीय (टीवीसी) के अंतिम निर्णय तक ही रहेगी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की खंडपीठ ने कहा कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में बार-बार दिए गए न्यायिक आदेशों के मद्देनजर यह क्षेत्र नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन है। इसलिए चिह्नित विक्रेताओं को छोड़कर अन्य विक्रेताओं को यहां वेंडिंग का कोई वैध अधिकार नहीं है। खंडपीठ ने कहा, यदि स्ट्रीट वेंडर्स नो-वेंडिंग जोन में वेंडिंग कर रहे हैं, तो एमसीडी या संबंधित प्राधिकरण का कर्तव्य है कि उन्हें नो-वेंडिंग जोन से वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने में सहायता करे, ताकि उन्हें आजीविका कमाने का व्यावहारिक विकल्प मिल सके।
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यह मामला नेहरू प्लेस में हॉकिंग और वेंडिंग से जुड़े कई याचिकाओं और एक अवमानना याचिका से जुड़ा है। 2009 में मनुषी संगठन बनाम डीडीए मामले में 67 विक्रेताओं को नेहरू प्लेस के एक निर्धारित क्षेत्र में वेंडिंग की अनुमति दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस स्थिति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान में नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में 400 से अधिक विक्रेता वेंडिंग कर रहे हैं जिनमें से अधिकांश स्पष्ट रूप से अनधिकृत हैं।
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12 के बाद अनधिकृत विक्रेताओं को हटाएगी एमसीडी
चिह्नित 90 विक्रेताओं को 12 अक्तूबर तक निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित होने का निर्देश दिया गया है। 12 अक्तूबर के बाद एमसीडी को सभी अनधिकृत विक्रेताओं को हटाने की अनुमति दी गई है। हटाने के बाद दिल्ली फायर सर्विसेज को डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली पुलिस को भी एमसीडी और डीडीए के साथ सहयोग करने का आदेश दिया गया है। वहीं, टीवीसी-द्वितीय यह तय करेगी कि क्या ये विक्रेता वेंडिंग सर्टिफिकेट के हकदार हैं और यदि हां, तो किस क्षेत्र में। यह निर्णय टीवीसी-द्वितीय के गठन के दो महीने के भीतर लिया जाना है।