'पीस बॉन्ड पर साइन नहीं करूंगी: दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज के बाद बोलीं आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा नेहा बोरा ने कहा है कि उनकी कोई शर्त नहीं है और वे बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। बीते दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी थी।
विस्तार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा नेहा बोरा ने कहा है कि उनकी कोई शर्त नहीं है और वे बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। बीते दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी थी।
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10 हजार रुपये का शांति बॉन्ड भरने के लिए कहा गया है। नेहा बोरा ने कहा है कि उनकी कोई शर्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई बॉन्ड साइन नहीं करेंगी। यह बयान दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद आया है।
नेहा बोरा ने एसईएम कोर्ट के उस नोटिस को चुनौती दी थी। इस नोटिस में उन्हें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कहा गया था। इसके लिए उन्हें 10,000 रुपये का बॉन्ड और एक जमानतदार निष्पादित करना था। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका कल खारिज कर दी।
#WATCH | Delhi: AISA National President Neha Bora says, "We don't have any conditions. We are not going to sign the bond. Yesterday, the Delhi High Court dismissed Neha Bora’s plea challenging the SEM Court notice asking her to execute a ₹10,000 bond with a surety to maintain peace during the inquiry.
— ANI (@ANI) October 24, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका की थी खारिज
बीते शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने नेहा की याचिका खारिज कर दी थी। यह याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 130 के तहत शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने के लिए जारी किए गए नोटिस को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
यह था मामला
नेहा बोरा को 16 अक्तूबर को मंडी हाउस में एक सभा में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया गया था। उनका आरोप है कि उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाकर आरके पुरम थाने में रातभर रखा गया और अगले दिन सुबह छह बजे रिहा किया गया। नोटिस में मंडी हाउस पर नारेबाजी, निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के आसपास विरोध प्रदर्शन और कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। नेहा बोरा ने याचिका में कहा है कि नोटिस में शांति भंग होने की आशंका के समर्थन में कोई ठोस कारण, विशिष्ट घटना या समयावधि नहीं बताई गई है।