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नीट पेपर लीक: सीबीआई को पूरक आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सात दिन का समय
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- मामले की अगली सुनवाई सात अक्तूबर को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर के लिए निर्धारित की। कोर्ट इस मामले में पहले से चार्जशीट किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने संबंधी दलीलें सुन रहा है।
सीबीआई ने जुलाई में लगभग 20,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें करीब 360 गवाहों का जिक्र है। आरोपियों में मनीषा मांधरे, मनीषा संजय हवालदार, मनीषा वाघमारे, प्रल्हाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरूरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम मधुकर खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं। सीबीआई का आरोप है कि लीक हुए प्रश्न प्रश्न-पत्र की तैयारी और अनुवाद प्रक्रिया के दौरान निकाले गए थे, जिन्हें परीक्षा से पहले विभिन्न माध्यमों से प्रसारित किया गया। एजेंसी ने डिजिटल उपकरणों, डिलीट किए गए व्हाट्सऐप चैट और पीडीएफ फाइलों की फॉरेंसिक जांच के आधार पर आरोप तय किए हैं। इस बीच, 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी का मामला भी कोर्ट के सामने है। सीबीआई के अनुसार, वह चार्जशीट आरोपी शुभम मधुकर खैरनार का करीबी सहयोगी है और उसने उम्मीदवारों को लीक प्रश्न उपलब्ध कराए तथा पैसे वसूलने में भूमिका निभाई। नीट-यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, जिसमें 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई।मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर के लिए निर्धारित की। कोर्ट इस मामले में पहले से चार्जशीट किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने संबंधी दलीलें सुन रहा है।
सीबीआई ने जुलाई में लगभग 20,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें करीब 360 गवाहों का जिक्र है। आरोपियों में मनीषा मांधरे, मनीषा संजय हवालदार, मनीषा वाघमारे, प्रल्हाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरूरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम मधुकर खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं। सीबीआई का आरोप है कि लीक हुए प्रश्न प्रश्न-पत्र की तैयारी और अनुवाद प्रक्रिया के दौरान निकाले गए थे, जिन्हें परीक्षा से पहले विभिन्न माध्यमों से प्रसारित किया गया। एजेंसी ने डिजिटल उपकरणों, डिलीट किए गए व्हाट्सऐप चैट और पीडीएफ फाइलों की फॉरेंसिक जांच के आधार पर आरोप तय किए हैं। इस बीच, 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी का मामला भी कोर्ट के सामने है। सीबीआई के अनुसार, वह चार्जशीट आरोपी शुभम मधुकर खैरनार का करीबी सहयोगी है और उसने उम्मीदवारों को लीक प्रश्न उपलब्ध कराए तथा पैसे वसूलने में भूमिका निभाई। नीट-यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, जिसमें 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई।मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
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