{"_id":"65e91f1436796fba88074156","slug":"ncpcr-summons-clarification-from-darul-uloom-calls-officials-to-delhi-2024-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Darul Uloom Deoband: एनसीपीसीआर ने सहारनपुर प्रशासन को किया तलब, दिल्ली बुलाकर अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Darul Uloom Deoband: एनसीपीसीआर ने सहारनपुर प्रशासन को किया तलब, दिल्ली बुलाकर अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण
Thu, 07 Mar 2024 07:31 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 07 Mar 2024 07:31 AM IST
सार
इस मामले में कलेक्टर और एसपी सहारनपुर को दिल्ली बुलाया है और एक रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
दारुल उलूम, देवबंद
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दारुल उलूम के पाठ्यक्रम दिशानिर्देशों पर एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का कहना है कि सहारनपुर में देवबंद नामक स्थान पर, दारुल उलूम मदरसा है। यह दक्षिण एशिया में मदरसा शिक्षा प्रणाली को नियंत्रित करता है। उसने फतवे के जरिये गजवा-ए-हिंद का महिमामंडन किया।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि हमने यूपी सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नोटिस दिया। यूपी सरकार ने कहा कि यह फतवा 2008 में जारी किया गया था। फतवे में कहा गया कि जो भी गजवा-ए-हिंद के दौरान मारा जाएगा वह शहीद माना जाएगा। यह फतवा 26/11 हमले के ठीक बाद 1 दिसंबर 2008 को जारी किया गया था। इस सिलसिले में हमने कलेक्टर और एसपी सहारनपुर को दिल्ली बुलाया है और एक रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दारुल उलूम विश्व स्तर पर एक विशाल शैक्षिक क्षेत्र का प्रबंधन करता है। दारुल उलूम से जुड़े मौलानाओं को जमीयत उलेमा-ए-हिंद यूके से करोड़ों की फंडिंग मिलती है। यह संगठन पाकिस्तान को भी फंड देता है। क्या वे बच्चों की नजर में अजमल कसाब को शहीद के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं ? इसका जवाब उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को दिल्ली आकर देना होगा।
विज्ञापन