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नजीब जंग ने केजरीवाल से जीती अधिकारों की जंग!

Sat, 30 May 2015 09:05 AM IST
Updated Sat, 30 May 2015 09:05 AM IST
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Nazeeb Jung won the fight of rights against kajriwal!

हाईकोर्ट ने सचिव स्तर की नियुक्तियां-स्थानांतरण विवाद मामले में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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अदालत ने अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि इन मामलों में उपराज्यपाल दिल्ली सरकार से राय लेकर काम करें। इसके बाद भी कोई विवाद होता है तो राष्ट्रपति के पास मामला भेजें।
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अदालत ने यह अंतरिम आदेश केजरी सरकार व नजीब जंग के बीच अधिकारों को लेकर जारी टकराव को खत्म करने के लिए दिया है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने करीब दो घंटे चली लंबी सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले को लेकर जारी विवाद का हल होना चाहिए।
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सरकार को सिर्फ सुझाव का अधिकार

Nazeeb Jung won the fight of rights against kajriwal!

उनका सुझाव है कि इस विवाद में जनता परेशान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार व केंद्र सरकार का पक्ष सुनने के बाद कहा कि अधिकारियों की नियुक्तियां व स्थानांतरण की प्रक्रिया सरकार से ही आरंभ होनी चाहिए।

उपराज्यपाल अपने विवेक का इस्तेमाल कर सरकार द्वारा भेजी सूची पर विचार करें। यदि उपराज्यपाल को किसी अधिकारी के नाम पर आपत्ति है तो वह मंत्री समूह की राय लेंगे।

यदि इसके बाद भी कोई विवाद रहता है तो राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम होगा। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को सुझाव देने और एलजी को निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र बताया।

11 अगस्त को मामले की सुनवाई

Nazeeb Jung won the fight of rights against kajriwal!

अदालत ने 16 मई से 21 मई के बीच सरकार द्वारा अधिकारियों के नाम उपराज्यपाल के पास भेजने और उपराज्यपाल द्वारा उन्हें खारिज करने के मुद्दे पर कहा कि सरकार दोबारा प्रस्ताव भेजेगी और उपराज्यपाल अपने विवेक के तहत उस पर विचार करें।

अदालत ने साथ ही दिल्ली सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न 21 मई को जारी अधिसूचना रद्द कर दी जाए।

कोर्ट ने केंद्र को शपथ पत्र सहित स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अधिकारियों की नियुक्तियां व स्थानांतरण दिल्ली सहित अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में किस प्रकार होते रहे हैं। मामले की सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

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