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इंडिया गेट पर 60 साल बाद तैयार हुआ नेशनल वॉर मेमोरियल, पीएम मोदी आज करेंगे उद्धाटन

Mon, 25 Feb 2019 07:03 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 25 Feb 2019 07:03 AM IST
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National War Memorial ready on India Gate after sixty years
नेशनल वॉर मेमोरियल

60 साल बाद आखिरकार वो दिन आ ही गया, जब पूरा देश पहले नेशनल वॉर मेमोरियल के रुप में शहीदों को श्रद्धांजलि देगा। सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेट पर करीब 40 एकड़ में 176 करोड़ की लागत से तैयार इस वॉर मेमोरियल का उद्घाटन करेंगे। यहां स्मारकों के साथ संग्रहालय भी बनाया गया है। दोनों के बीच एक सब-वे भी रखा है। इसके अलावा नेशनल वॉर मेमोरियल में दीवारों पर 25,942 शहीदों के नाम भी लिखे गए हैं। 

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रविवार की शाम सैन्य बैंड सहित जवानों ने नेशनल वॉर मेमोरियल में शहीदों को सलामी दी। मेमोरियल के चारों ओर सफेद दूधिया लाइटें भी लगाई गई हैं। विजय चौक से इंडिया गेट और नेशनल वॉर मेमोरियल के दृश्य को देखा जा सकता है।  बताया जा रहा है कि शहीदों की याद में स्मारक और संग्रहालय बनाने पर विचार सबसे पहले वर्ष 1968 में किया गया था, जोकि अब देश को मिला है। साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के कुछ ही माह बाद 2015 में इसे अंतिम अनुमति दी गई। इसके बाद से ही इंडिया गेट के पास इसका निर्माण शुरू किया गया। 
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अंग्रेजों ने बनवाया था इंडिया गेट
दरअसल, आजादी के बाद भारतीय सेनाओं ने कई बड़े युद्ध में बहादुरी का परिचय दिया और दुश्मनों के दांत खट्टे किए। इसमें हजारों भारतीय सैनिक शहीद भी हुए। इन सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और युवा पीढ़ी को इस बलिदान के बारे में बताने के लिए अब तक देश में कोई भी स्मारक नहीं था।  प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए 84000 भारतीय जवानों की याद में अंग्रेज शासकों ने इंडिया गेट बनवाया था। बाद में 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 सैनिकों के सम्मान में अमर जवान ज्योति बनाई गई थी। 

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फोन एप पर मिलेगा स्मारक
नेशनल वॉर मेमोरियल काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसलिए एक सुविधा फोन एप की भी रखी गई है। इस एप के जरिए शहीद का नाम टाइप करने पर उसका स्मारक कहां पर है, उसकी लोकेशन आपके फोन में पता चलेगी। ये सुविधा उन लोगों के लिए खास रहेगी, जिनके गांव या जिले के सैनिक इन युद्धों में शहीद हुए थे। 

दीवारों पर दिखेगी युद्ध की कलाकृतियां
मेमोरियल में कुछ दीवारों पर कुछ पुरानी तस्वीरें लगाई गई हैं। वहीं कुछ दीवारों पर युद्ध की कलाकृतियां देखने को मिलेंगी। सियाचिन सहित कारगिल के दौरान टाइगर हिल पर कब्जा इत्यादि लम्हें कैद करने वाली तस्वीरें भी देखने को मिलेंगी। 

ऐसा है शहीदों का मेमोरियल 
 . नेशनल वॉर मेमोरियल में चार चक्र बनाए गए हैं। 
. जल, थल और वायु सेना के शहीदों के नाम एकसाथ। 
. अमर चक्र पर 15.5 मीट ऊंचा स्मारक स्तंभ बना है, जिसमें अमर ज्योति जलेगी। 
. वीरता चक्र में छह बड़े युद्धों के बारे में जानकारी दी है। 
. त्याग चक्र में 2 मीटर लंबी दीवार पर 25,942 शहीदों के नाम। 
. 690 पेड़ों के साथ सुरक्षा चक्र भी दिखेगा। 
. हर शाम सैन्य बैंड के साथ शहीदों को सलामी दी जाएगी। 
. इंडिया गेट की तरह मेमोरियल में भी होगी अमर ज्योति। 
. पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। 
. हर सप्ताह रविवार को चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी देखने का मौका। 

ये रहेगा मेमोरियल के खुलने-बंद होने का समय
अप्रैल से अक्तूबर : सुबह 9 से शाम साढ़े 7 बजे तक। 
नवंबर से मार्च तक : सुबह 9 से शाम साढ़े 6 बजे तक। 

इन युद्धों में शहीद हुए सैनिक
. भारत-पाकिस्तान युद्ध 1947-48
. गोवा मुक्ति आंदोलन 1961 
. भारत-चीन युद्ध 1962
. भारत-पाकिस्तान युद्ध1965
. बांग्लादेश 1971 
. सियाचिन 1987
. करगिल 1999
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