नरेंद्र मोदी ने बोला हमला तो खुश हो गई AAP
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भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला किया है, लेकिन ‘आप’ खेमा इससे बेहद खुश है।
पार्टी रणनीतिकारों की यही कोशिश है कि पूरे चुनावी अभियान में मोदी को ‘आप’ और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोलने पर मजबूर किया जाए। इसकी बड़ी वजह है। पार्टी का मानना है कि मोदी के सीधे निशाने पर आने से भाजपा विरोधी मत उनके पक्ष में जा सकते हैं।
बृहस्पतिवार सुबह केजरीवाल के दिल्ली वापस आने पर वरिष्ठ नेताओं के बीच उनके आवास पर इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान राय बनी कि मोदी पर हमला तेज किया जाए। खासतौर से बनारस में, जहां से मोदी मैदान में हैं।
AAP को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर फायदा
सूत्रों की मानें तो केजरीवाल बेशक बनारस में मोदी पर वार करें, लेकिन ‘आप’ को इसका फायदा राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा। खास तौर से जहां-जहां पार्टी के उम्मीदवार मजबूती से लड़ रहे हैं।
दिल्ली सरकार से हटने के बाद आप ने अपनी पूरी ताकत मोदी के विकास के दावे को झूठा साबित करने में झोंक दी है। केजरीवाल का गुजरात दौरा और मोदी को भेजी गई सवालों की फेहरिस्त इसी रणनीति का हिस्सा था।
इसके बावजूद बहुत दिनों तक मोदी ने केजरीवाल पर जुबान नहीं खोली। लिहाजा पार्टी ने सियासत की शतरंजी बिसात पर आखिरी पासा फेंकते हुए केजरीवाल को बनारस से लड़ाने का ऐलान कर दिया।
केजरीवाल का नाम मोदी की जुबान से फिसले नहीं
मोदी के खिलाफ दावेदारी पेश करते हुए केजरीवाल ने एक बार फिर भाजपा पर तगड़ा वार किया। उसके बाद जहां गुजरात सरकार ने केजरीवाल के सवालों का जवाब सार्वजनिक किया, वहीं उनकी बनारस रैली के अगले ही दिन मोदी ने भी हमला बोला।
इससे पार्टी को अपने मिशन में कामयाबी मिलती दिख रही है। आप का पूरा थिंक टैंक इसी पर काम कर रहा है कि मोदी की जुबान से केजरीवाल का नाम फिसलने न पाए।
मोदी को सीधी चुनौती देने से जहां पूरा संसदीय चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल में तब्दील होता दिखेगा, वहीं भाजपा विरोधी मतों के ध्रुवीकरण में सहूलियत होगी।