AAP के गढ़ में मोदी का वार, कैसे होगा पलटवार?
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लोकसभा चुनावों में मुस्लिम कार्ड खेल चुकी आम आदमी पार्टी पर भाजपा ने एक के बाद एक कई जोरदार हमले बाले हैं। भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने तो AAP को कांग्रेस की 'बी' टीम करार दिया है।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने बड़ी ही चालाकी से गेम खेला और दिल्ली की सत्ता हासिल कर ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की 'ए' टीम ने 'बी' टीम यानी AAP के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार बनाई और फिर लोकसभा चुनावों में अपने फायदे के लिए सरकार गिराकर उपराज्यपाल के सहारे खुद सत्ता चला रही है।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में कांग्रेस की इन दोनों टीमों का गेम अब सात लोकसभा सीटों पर क्या रंग लाएगा यह देखना भी दिलचस्प होगा।
मोदी ने बंद कर दी सबकी बोलती!
अभी तक AAP के आरोपों से किनारा करती आ रही बीजेपी और खासकर नरेंद्र मोदी ने करारा जवाब देकर विरोधियों की बोलती बंद करने की पूरी कोशिश की है।
दिल्ली विधानसभा में बड़ी जीत दर्ज करने वाली AAP को लोकसभा चुनावों में भी कुछ ऐसे ही परिणामों की उम्मीद है। लेकिन इस दौरान सबसे बड़ा सवाल ये है कि दिग्गज नेताओं की गैरमौजूदगी में क्या AAP ऐसे हमलों से अपना गढ़ बचा पाएगी?
AAP के बड़े नामों में अरविंद केजरीवाल वाराणसी, कुमार विश्वास अमेठी, योगेंद्र यादव गुड़गांव व शाजिया इल्मी गाजियाबाद से चुनाव मैदान में हैं, जबकि संजय सिंह समेत कुछ वरिष्ठ नेता वाराणसी में केजरीवाल के चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। वाराणसी में केजरीवाल ने मोदी पर हमले किए तो मोदी ने उल्टे सवाल दाग दिए हैं।
मोदी ने किया एके-49 का धमाका
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी तीन बड़ी रैलियों में आम आदमी पार्टी पर सीधे निशाना साधा और कांग्रेस-AAP के गठजोड़ को बेनकाब करने की कोशिश की। इतना ही नहीं केजरीवाल पर एके-49 वाला बयान देकर मोदी ने AAP के खेमे में भी खलबली मचा दी है।
दिल्ली में 49 दिनों तक शासन करने वाली केजरीवाल सरकार पर हमला बोलते हुए मोदी ने एक तीर से दो निशाने साधे और कांग्रेस व AAP पर एक साथ प्रहार किया।
पाकिस्तान के एके 49 से खुश होने और AAP की वेबसाइट के नक्शे से कश्मीर के गायब होने का मामला उठाने सहित पाकिस्तानी एजेंट तक कह देने पर AAP नेता हैरत में हैं।
मुस्लिम कार्ड के सहारे दिल्ली फतह की कोशिश!
कश्मीर को लेकर वहां के लोगों का जनमत संग्रह कराने, बटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल खड़ा करने, मुस्लिम दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन जैसे बयान देने के बाद केजरीवाल ने कई कार्यक्रमों में मुस्लिम टोपी पहनकर साफ कर दिया था कि पार्टी लोकसभा चुनाव में जाने से पूर्व मुस्लिम कार्ड खेल चुकी है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव वोटों का यह गणित देखने को मिला है कि मुस्लिम वोटरों ने बीजेपी के बजाए कांग्रेस या दूसरे दलों की तरफ ही रुख किया है ऐसे में आम चुनावों में AAP इन वोटों को भुनाना चाहेगी।
हालांकि केजरीवाल ने दिल्ली में रोड शो करने का ऐलान तो किया है लेकिन मोदी के खिलाफ ताल ठोंकने के बाद अब केजरीवाल के कहीं और प्रचार करने की डिमांड पर पार्टी असमंजस में है जबकि अन्य नेता अपनी संसदीय सीट छोड़कर आने को तैयार नहीं हैं।