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Delhi : युवा लेखकों को रतन टाटा छात्रवृत्ति देगा नमो केंद्र, 50 हजार की वित्तीय सहायता भी मिलेगी
Fri, 20 Dec 2024 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Dec 2024 05:36 AM IST
सार
रतन टाटा छात्रवृत्ति लेखकों को देश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को आकार देने में रतन टाटा की परिवर्तनकारी भूमिका का दस्तावेजीकरण करने को प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है।
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रतन टाटा file
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) ने दिवंगत उद्योगपति रतन नवल टाटा के जीवन, उपलब्धियों और विरासत पर किताबें लिखने के इच्छुक लेखकों के लिए प्रतिष्ठित रतन टाटा छात्रवृत्ति शुरू करने की घोषणा की है।
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रतन टाटा छात्रवृत्ति लेखकों को देश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को आकार देने में रतन टाटा की परिवर्तनकारी भूमिका का दस्तावेजीकरण करने को प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है।
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नमो केंद्र के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रवृत्ति का उद्देश्य रतन टाटा के जीवन और कार्य के बारे में उच्च गुणवत्ता वाले, अच्छी तरह से शोध किए गए साहित्य को बढ़ावा देना और युवा लेखकों व शोधकर्ताओं को देश और दुनिया में उनके योगदान के बहुमुखी आयामों का पता लगाने के लिए प्रेरित करना है।
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उन्होंने कहा कि रतन टाटा का नेतृत्व न केवल व्यवसाय में, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में भी प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नमो केंद्र ने उनके जीवन, मूल्यों और उपलब्धियों पर केंद्रित पुस्तक सारांश प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया है।
छात्रवृत्ति कार्यक्रम रतन टाटा की उल्लेखनीय यात्रा पर केंद्रित दो पुस्तकों, एक अंग्रेजी और एक हिंदी के निर्माण का समर्थन करेगा। जिन लेखकों के सारांश चुने जाएंगे, उन्हें 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।