फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

नड्डा और विवादों का है चोली दामन का साथ

Mon, 10 Nov 2014 03:34 PM IST
Updated Mon, 10 Nov 2014 03:34 PM IST
विज्ञापन
Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

मोदी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में जेपी नड्डा को स्वास्थ्य मंत्रालय देने के बाद आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आप का कहना है कि नड्डा को कैबिनेट में जगह देने से यह बात साफ हो गई है कि मोदी सरकार ईमानदार लोगों को परेशान करने वालों को शरण देकर उनकी रक्षा कर रही है।

विज्ञापन


आप प्रवक्ता ने कहा है कि यह खबर बहुत ही शॉक करने वाली है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के पास नड़्डा के खिलाफ एम्स सीवीओ मामले लिखित सबूत होने के बाद भी कैसे उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है।
विज्ञापन


आप का कहना है कि एम्स के पूर्व सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को उनके पद से हटाए जाने के मामले में पीएमओ के पास लिखित साक्ष्य हैं। फिर भी यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि ईमानदार अफसर को परेशान करने वाले व्यक्ति को केंद्र सरकार मंत्रिमंडल में जगह कैसे दे सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नड्डा की चिट्ठी से हटे थे एम्स सीवीओ

Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

एक आप सदस्य ने नड्डा की उस वक्त के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को लिखी चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा कि नड्डा ने कम से कम तीन बार चतुर्वेदी को उनके पद से हटाने की कोशिश की। इसके पीछे कारण था कि नड्डा का करीबी एक अधिकारी एक करोड़ों सोदे में जांच के दायरे में चल रहा था।

आप सदस्य ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में बीजेपी की खामोशी भी काफी आश्चर्यजनक रही है। आप कहती है कि भाजपा नेतृत्व ने एक बार भी एम्स की कार्यप्रणाली में नड्डा के बिला वजह दखल देने के लिए कोई सफाई नहीं दी।

जबकि नड्डा का ऐसा करना एम्स की स्वायत्तता पर सीधा आघात था। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को सदन के अगले सत्र में उठाने का मन बनाया है।

नड्डा का स्वास्थ्य मंत्री बनना है घातक!

Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

जेपी नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बन जाने से कई तरह के विवाद उठ खड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि नड्डा का स्वास्थ्य मंत्री बनना विसलब्लोअर्स के लिए सबसे बड़ा झटका हो सकता है।

विसलब्लोअर संजीव चतुर्वेदी, जिन्हें नड्डा के चलते एम्स के सीवीओ पद से हटाया गया था, उनके लिए यह बात काफी परेशानी भरी हो सकती है।

गौरतलब है कि अपने पद से हटाए जाने के मामले में चतुर्वेदी ने सीबीआई जांच की मांग की थी। जानकारी के अनुसार नड्डा के लिखे पत्रों के बाद ही तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को उनके पद से हटाया था।

अब क्या होगा चतुर्वेदी समर्थकों का?

Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

चतुर्वेदी की नियुक्ति इस समय एम्स के डिप्टी सचिव के पद पर है, वही एम्स जिसका नियंत्रण स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन होता है। चतुर्वेदी के साथ ही नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद एम्स में उन अधिकारियों व शोधकर्ताओं के लिए भी हालात काफी मुश्किल हो सकते हैं, जिन्होंने पीएम मोदी से चतुर्वेदी को एम्स का सीवीओ बनाने की दरख्वास्त की है। चतुर्वेदी ने इस मामले में अगस्त में सीबीआई जांच की मांग की थी।

हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने चतुर्वेदी को हटाए जाने की वजह एम्स की कार्यप्रणाली को बताया था। लेकिन चतुर्वेदी ने सीवीसी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए उन रिपोर्ट्स का हवाला दिया गया था, जिसमें बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने चतुर्वेदी को हटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को कई पत्र लिखे थे।

नड्डा के करीबी के कारण हटा ईमानदार अफसर

Nadda as health minister may prove threat to whistleblowers.

रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई थी कि चतुर्वेदी ने आईएएस अफसर विनीत चौधरी जो पहले एम्स के डिप्टी डायरेक्टर थे, के खिलाफ एक भ्रष्टाचार-विरोधी जांच भी शुरू की थी।

चौधरी के खिलाफ आर्थिक हेरा-फेरी के मामले में जनवरी में एक सीबीआई केस भी दर्ज हुआ था। आपको बता दें कि चौधरी वही अफसर हैं, जो हिमाचल प्रदेश में नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए राज्य के स्वास्थ्य सचिव थे।

एम्स के पूर्व सीवीओ पहले भी अपनी ईमानदारी के चलते अपने पद से ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बता दें कि एम्स के सीवीओ बनने से पहले वह हरियाणा में डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर थे।

2009 में हरियाणा में फॉरेस्ट अफसर रहने के दौरान वह जंगल से संबंधित कई घोटालों को सामने लाए। जिसके चलते सरकार काफी असहज महसूस करने लगी और उनका तबादला एम्स के सीवीओ के रूप में कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed