अब आप DTC डिपो में भी करा सकेंगे प्रदूषण की जांच, दस दिन में 4 लाख वाहनों को पीयूसी सर्टिफिकेट जारी
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संशोधित वाहन अधिनियम लागू होने के बाद दिल्ली के प्रदूषण जांच केंद्रों (पीयूसी) पर वाहनों की तादाद पांच गुना से ज्यादा हो गई है। इसकी वजह से जांच केंद्रों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एलान किया है कि अब डीटीसी डिपो में भी आम लोग प्रदूषण की जांच करा सकेंगे।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने जानकारी दी कि प्रदूषण सेंटर पर अब फटाफट प्रदूषण की जांच होगी क्योंकि सरकार ने सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया है। इस वक्त दिल्ली में 941 सेंटर हैं, जहां 40 हजार वाहनों की जांच प्रतिदिन होती है।
गौरतलब है कि 10 दिन में 4 लाख से ज्यादा प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस वक्त रोज औसतन 50 हजार वाहन पीयूसी पर पहुंच रहे हैं, जबकि पहले इसकी संख्या 10 से 12 हजार होती थी।
लगातार 10वें दिन दिल्ली के प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की लंबी लाइनें दिखीं। अधिकारी बताते हैं कि इसकी बड़ी वजह संशोधित वाहन अधिनियम है। पीयूसी सर्टीफिकेट न होने पर अब दस हजार रुपये का जुर्माना है।
पहले यह पहली बार में एक हजार होता था। दस गुना जुर्माना बढ़ाने का असर पीयूसी केंद्रों पर देखा जा रहा है। अधिनियम लागू होने से पहले दिल्ली में औसत 10-12 हजार के बीच वाहन 940 पीयूसी केंद्रों पर पहुुंचते थे।
बीते दस दिन में यह आंकड़ा 50 हजार के करीब पहुंच गया है। इस बीच, करीब 4 लाख प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी हुए हैं। बीते शनिवार को सबसे ज्यादा 55,357 वाहन पीयूसी जांच कराने पहुंचे।