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मुरादाबाद के मुस्लिम धर्मगुरु का निधन, दिल्ली में सुपुर्द-ए-खाक
Wed, 17 Jun 2020 07:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Jun 2020 07:33 AM IST
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सुपुर्द-ए-खाक
- फोटो : file
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना मोहम्मद अहमद अकरमी ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। सोमवार देर रात 65 वर्षीय मौलाना अकरमी ने अंतिम सांस ली थी।
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करीब 15 दिन पहले कोरोना संक्रमित होने की वजह से इन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान संक्रमण की अवधि पूरा होने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी लेकिन सोमवार की रात हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई।
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हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने डेथ सर्टिफिकेट पर कोविड पॉजिटिव लिखने के बाद शव परिजनों को हवाले कर दिया। अस्पताल ने मौत की वजह सेप्टिक शॉक व कोविड पॉजिटिव लिखा है। साथ ही निमोनिया की शिकायत भी थी। चूंकि कोविड प्रबंधन के तहत शव को किसी दूसरे राज्य या शहर नहीं ले जाया जा सकता इसलिए परिजनों ने मंगलवार देर रात दिल्ली के आईटीओ स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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कब्रिस्तान के सुपरवाइजर मोहम्मद शमीम ने बताया कि अस्पताल से उन्हें शाम को सूचना मिली थी लेकिन काफी इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो कब्रिस्तान का गेट उन्होंने बंद कर दिया। शमीम ने बताया कि एसडीएम के आदेश पर देर रात सुपुर्द ए खाक किया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान भी मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक परिजन शव यूपी लेकर जा रहे थे लेकिन बॉर्डर पर उन्हें वापस कर दिया गया। साथ ही दिल्ली के जिला प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो रात में विशेष अनुमति दी गई। इससे पहले परिजनों ने शव को मुरादाबाद ले जाने के लिए सेंट्रल दिल्ली जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा था लेकिन कोविड प्रबंधन के नियमों के चलते प्रशासन ने अनुमति नहीं दी गई।