कोरोना के साथ-साथ मलेरिया-डेंगी से लड़ाई को तैयार है दिल्ली नगर निगम
- 25 जुलाई से दिल्ली में बारिश शुरू होने का अनुमान,
- बारिश बढ़ते ही मलेरिया-डेंगी के मामले शुरू होने की संभावना
विस्तार
मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जून से दिल्ली में मानसून की बारिश की शुरुआत हो सकती है। बारिश के साथ ही राजधानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके कारण मलेरिया और डेंगू के मामलों के बढ़ने की भी संभावना बढ़ जायेगी।
लेकिन दिल्ली के नगर निगम इस चुनौती को अभी से साथ लेकर चल रहे हैं और दिल्ली के सभी इलाकों में अभी से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और मलेरियारोधी दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष संदीप कपूर के मुताबिक कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही सभी 64 वार्ड्स के इलाकों में साफ-सफाई को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जा रही है।
जिन एरिया में कोरोना से संबंधित मामले पाए गये हैं, वहां सफाई के लिए विशेष किट पहनकर कचरे का निष्पादन कराया जा रहा है, जबकि शेष इलाकों में अलग-अलग कर्मचारियों के द्वारा अभी से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
निगम के नेता के मुताबिक इस समय मलेरिया की टीम भी कोरोना से संबंधित प्रचार अभियान में जुटी हुई है। लेकिन अब बारिश आने के साथ ही उनकी जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया जाएगा, जिससे कोरोना के साथ-साथ मलेरिया और डेंगू विरोधी अभियान कमजोर न पड़े।
वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में चेयरमैन पद के उम्मीदवार जेपी सिंह ने बताया कि उनके निगम के सभी 104 वार्डों में विशेष कर्मियों के द्वारा सफाई कराई जा रही है।
इस दौरान सभी नालों की सफाई में भी ध्यान दिया जा रहा है। निगम में इस समय लगभग 24520 कर्मचारी प्रतिदिन 3500 मीट्रिक टन कचरा निस्तारित कर रहे हैं।
इस अभियान के साथ ही साफ-सफाई के लिए क्षेत्र में मलेरियारोधी दवाइयों का छिड़काव भी किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम को अभी से इसके लिए सचेत किया जा चुका है।
बारिश होने के साथ ही अगले हफ्ते से मलेरिया विभाग की टीमें डेंगी लार्वा का निरीक्षण करना भी शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा कि मलेरिया या डेंगू को भारी नहीं पड़ने दिया जायेगा और इसके लिए निगम अभी से तैयारी में जुट गया है।
दक्षिणी दिल्ली में जबरदस्त सफाई अभियान
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में भी इस समय सफाई अभियान चल रहा है और विभाग की टीमें साफ-सफाई अभियान में जुटी हुई हैं। कोरोना संक्रमण रोकने की प्राथमिकता के साथ स्वच्छता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है जिससे बारिश बढ़ने पर मलेरिया या डेंगी अपना पैर न पसार सके।