नगर निगम उपचुनाव 15 मई को, 18 अप्रैल से होंगे नामांकन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी में तीनों नगर निगम के 13 वार्डों के उपचुनाव का बिगुल बज गया है। राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग ने 15 मई को उपचुनाव कराने का फैसला किया है और 17 मई को मतगणना होगी। उधर, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के साथ ही दिल्ली में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
हाईकोर्ट के निर्देश के चलते दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को तीनों नगर निगम के रिक्त 13 वार्डों के उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी। उपचुनाव के लिए 18 अप्रैल को अधिसूचना जारी की जाएगी।
उसी दिन से नामांकन पत्र दाखिल करने की शुरुआत होगी। 25 अप्रैल तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे, जबकि 27 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल तक नामांकन वापस लेने का समय निश्चित किया है। आयोग ने 17 मई को मतगणना करने का निर्णय किया है।
तीनों नगर निगम के अगले वर्ष अप्रैल माह में आम चुनाव होने हैं
तीनों नगर निगम के वर्ष 2012 में चुनाव हुए थे। वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव के दौरान शालीमार बाग उत्तरी, वजीरपुर, विकास नगर, मटियाला, नानकपुरा, खिचड़ीपुर और झिलमिल वार्डों के पार्षद विस चुनाव में विधायक बनने में सफल हो गए थे और ये वार्ड रिक्त हो गए थे। जबकि कमरुद्दीन नगर, बल्लीमारान, नवादा, मुनिरका, भाटी और तेखंड वार्ड के पार्षद वर्ष 2015 के दौरान हुए विस चुनाव में विधायक बन गए थे। इस कारण ये वार्ड सवा साल पहले रिक्त हुए थे। तीनों नगर निगम के अगले वर्ष अप्रैल माह में आम चुनाव होने हैं।
चुनाव आयोग ने उपचुनाव कार्यक्रम घोषित करने से पहले राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें उनसे चुनाव कार्यक्रम के बारे में चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस व भाजपा के नेताओं ने उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए जा रहे विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा पोस्टर हटाने का आग्रह किया।
जबकि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने तीनों नगर निगम की ओर से कोई विज्ञापन जारी करने और घोषणा करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। इसके अलावा नगर निगम के नेताओं की ओर से उपलब्धियों का बखान किए जाने पर भी रोक लगाने पर जोर दिया। आयुक्त राकेश मेहता ने सभी दलों के सुझाव को हर हाल में अमलीजामा पहनाने का आश्वासन दिया।