मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के यात्रियों को ट्रेन से उतारा, पीड़ित बोले- आप MLA ने ऐसा क्यों किया
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मॉडल टाउन के करीब चालीस बुजुर्ग नागरिकों ने सोचा तो यही था कि विधायक जी ने बता दिया है तो इस बार जगन्नाथपुरी की यात्रा हो जाएगी। सभी चालीस लोग एक हफ्ते की तीर्थयात्रा के लिए सामान के साथ ट्रेन में सवार हो गए।
झटका तब लगा जब इनमें से कुछ लोगों को मथुरा में उतार दिया गया और बताया गया कि न तो इस ट्रेन में आप लोगों का टिकट है न होटल का रजिस्ट्रेशन। इसके बाद सभी वाया रोड वापस दिल्ली लौट गए। सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बारे में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
पूरा वाकया 22 नवंबर का है। रात 8 बजे मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत चलने वाली ट्रेन सफरदजंग रेलवे स्टेशन से जगन्नाथपुरी के लिए रवाना हुई।
...लेकिन मथुरा से आगे नहीं जाने दिया गया
एसोसिएशन के उप प्रधान दिनेश शर्मा का आरोप है कि बुजुर्गों ने विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को 90 फॉर्म दिए थे। लेकिन जब पहली यात्रा में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने अगली बार ले जाने की बात कही। 22 नवंबर को सभी ट्रेन में बैठ गए। लेकिन मथुरा से आगे नहीं जाने दिया गया।
रात करीब दो बजे 80-85 साल के कई बुजुर्ग स्टेशन पर भटकते रहे। दिनेश शर्मा ने स्थानीय विधायक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ स्थानीय विधायक का कहना है कि तीर्थयात्रा के लिए फार्म भरने वालों को लाटरी सिस्टम से टिकट दिया जाता है।
योजना के तहत टिकट देने की यही प्रक्रिया है। 40 लोगों के इस समूह की लॉटरी न तो पहली यात्रा में निकली और न ही दूसरी में। लेकिन संशय में ये लोग स्टेशन पर पहुंच गए थे।
इसी तरह दूसरी विधानसभाओं से भी कुछ लोग आ गए थे। सूचना मिलने पर इसमें से करीब 30 लोगों को स्टेशन पर समझा बुझाकर उतार लिया था। लेकिन इनमें से आठ-दस लोग ट्रेन में बैठ गए।
टिकट न होने से उनको मथुरा रेलवे स्टेशन पर उतार दिया गया। अखिलेश पति का कहना है कि सभी लोगों के फार्म उनके पास है। जब भी टिकट होगा, उनकी यात्रा कराई जाएगी।