मुख्तार ने रची थी विधायक की हत्या की साजिश!
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गाजीपुर के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय व अन्य छह लोगों की हत्या के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने कृष्णानंद राय व अन्य लोगों की मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) पेश करने का निर्देश सीबीआई को दिया है।
मामले में आरोपी बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने मृतक कृष्णानंद राय व अन्य लोगों के मोबाइल की भी कॉल डिटेल मांगी थी।
तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने कृष्णानंद राय, प्रेमचंद राय, रजनीश कुमार राय, संजीव राय व तत्कालीन सांसद मनोज शाह के मोबाइल की सीडीआर पेश करने का निर्देश दिया है।
मुख्तार अंसारी ने की थी ये डिमांड
अदालत ने मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी के मोबाइल की सीडीआर भी पेश करने का निर्देश सीबीआई को दिया है।
दूसरी ओर अदालत ने राम नारायण राय, बृजेश राय, मनोज कुमार राय, रामकिरत सिंह, अंजनि कुमार राय व नंदरा जोगा के मोबाइल नंबरों का विवरण न दिए जाने के कारण इनकी सीडीआर मंगाने से इनकार कर दिया है।
अदालत में आवेदन दायर कर मुख्तार अंसारी ने कृष्णानंद राय, अफजल अंसारी, यूपी के चैनल की फुटेज, अखबार का इंटरव्यू व अफरोज उर्फ चुन्नू से पूछताछ की नकल उपलब्ध कराने की मांग की थी। सीबीआई ने चार्जशीट में कहा था कि विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद आरोपी मुख्तार अंसारी ने अभय सिंह से मोबाइल पर बात की थी।
मोबाइल में छिपे हैं कई राज!
सीबीआई का यह भी आरोप था कि कृष्णानंद हत्या की साजिश मुख्तार अंसारी व अफजल अंसारी ने गाजीपुर कोर्ट में 25 अक्टूबर 2005 को सरेंडर के दौरान रची थी। उन्हें साजिश रचते हुए प्रेम चंद राय, रजनीश कुमार राय व संजीव राय ने सुना था।
बचाव पक्ष का कहना था कि जिस दिन मुख्तार अंसारी ने कोर्ट में सरेंडर किया यह तीनों गवाह वहां से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर थे और यह बात मोबाइल लोकेशन से साबित हो सकती है।
दूसरी ओर जब मुख्तार अंसारी व अभय सिंह के बीच मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड की गई उससे पहले ही न्यूज चैनल पर प्रसारित हो चुकी थी और उसके बारे में पूरी दुनिया जानती थी। हत्या के बाद भी विधायक कृष्णानंद राय का मोबाइल कई दिनों तक इस्तेमाल होता रहा था जबकि यह मौके से बरामद किया जाना चाहिए था।
ये है पूरा मामला
मामले के अनुसार भाजपा विधायक राय व अन्य छह लोगों की गाजीपुर जिले के भंवरकौल थाना इलाके के गंधौर में 29 नवंबर 2005 को हत्या कर दी गई थी।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में पांच अभियुक्तों एजाज उर्फ एजाज उल हक, अफजल अंसारी, मुन्ना बजरंगी, फिरदौस उर्फ जावेद व अता उर रहमान के खिलाफ 21 फरवरी 2006 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने से पहले एजाज व अफजल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन मुन्ना बजरंगी, फिरदौस व अता उर रहमान को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। मृतक विधायक की पत्नी अलका राय की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई गाजीपुर से दिल्ली ट्रांसफर कर दी थी।