करवटें बदलते हुए जेल में गुजरी सांसद नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी की पहली रात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद नरेंद्र कश्यप, पत्नी देवेंद्री और बेटे सागर की डासना जेल में पहली रात करवटें बदलते हुए गुजरी। निगरानी करने वाले जेलकर्मियों ने उन्हें परेशान और उदास देखा। बंदियों ने उनसे बात करने की कोशिश की, मगर उन्होंने ज्यादा बात नहीं की।
जेल अधीक्षक एसपी यादव ने बताया कि कश्यप दंपति और उनके बेटे ने नाश्ता किया था। दोपहर और शाम में खाना खाया। उन्होंने दाल, रोटी और आलू की सब्जी खाई।
पिता-पुत्र को बैरक नंबर सात ए में रखा गया है। बैरक में 35 बंदी हैं। देवेंद्री महिला बैरक एक में है, जहां 75 महिला बंदी हैं। महिला बैरक में ही नूपुर तलवार, नीरा यादव आदि हाईप्रोफाइल केस में बंद बंदी हैं।
सांसद ने न तो अखबार पढ़ा और न ही टीवी चैनल देखा
सांसद और उनके पुत्र का बैरक एक-दो दिन में बदला जाएगा। जेल अधीक्षक ने बताया कि सांसद ने न तो अखबार पढ़ा और न ही टीवी चैनल देखा। वह शुक्रवार को भी गमजदा नजर आए।
उनसे मिलाई करने वालों में सपा जिला महासचिव जेपी कश्यप, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली, कुछ वकील और रिश्तेदार गए।
वहीं दूसरी ओर राज्यसभा सदस्य नरेंद्र कश्यप को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में शुक्रवार को कचहरी में हड़ताल रही। अचानक हुई इस हड़ताल सें वादकारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी इस मामले में एसएसपी से भी मिले और एक ज्ञापन सौंपा।
जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली का कहना था कि पूरा मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का नजर आ रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते बसपा सांसद एवं बार के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र कश्यप के खिलाफ न केवल रिपोर्ट दर्ज की, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।
वकीलों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। सांसद एवं बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र कश्यप की जमानत के लिए वकीलों ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल त्यागी की ओर से यह अर्जी दाखिल की गई है। अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने आगामी तारीख नियत कर दी है।
लखनऊ की फोरेंसिक टीम उठाएगी हिमांशी की मौत के राज से पर्दा
राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी की मौत के राज से पर्दा उठाने के लिए लखनऊ की फोरेंसिक टीम की मदद ली जाएगी। एसएसपी ने भी लखनऊ फोरेंसिक टीम को गाजियाबाद बुलाए जाने के संकेत दिए हैं।
दूसरी तरफ, सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में जांच के लिए प्राइवेट पार्ट की स्लाइड भी रखी गई है। इसके अलावा पेट के अंदर का कुछ पार्ट रखा गया है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि मृतका का पति सुभारती यूनिवर्सिटी से एमडी कर रहा है, वहां से भी उसके बारे में जानकारी की जा रही है।
इसके अलावा हिमांशी पर किस तरह का दबाव था, जो उसने यह कदम उठाया। साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह है कि हिमांशी को प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मामले में सांसद का बेटा और दो बेटियां फरार हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। बता दें कि छह अप्रैल को हिमांशी की गोली लगी लाश बाथरूम में मिली थी। इस मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज है। पुलिस सांसद नरेंद्र कश्यप, पत्नी देवेंद्री और पुत्र डॉक्टर सागर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।