सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे पार्षद मेवात में चुने गए
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फरीदाबाद।
औद्योगिक नगरी की बात करें तो यहां केवल दो ग्रेजुएट ही जिला पार्षद बन सके। ये हाल तब है जबकि जिला देश की राजधानी से सटा हुआ है।
खास बात यह है कि सीएम सिटी करनाल में भी पढ़े लिखों का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। यहां से महज तीन ग्रेजुएट ही अपना खाता खोल सके।
सरकार
ने बड़ी उम्मीद के साथ चुनावों में शैक्षणिक योग्यता की शर्तें लागू की
थी। उन्हें उम्मीद थी कि अधिक पढ़े लिखे युवा राजनीति में आएंगे और प्रदेश
के विकास में योगदान देंगे।
लेकिन परिणामों से यह साफ हो गया कि शैक्षणिक
योग्यता लागू होने के बाद भी अधिक पढ़े लिखे लोग चुनकर नहीं आ पाए। राज्य
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्लाक समिति के 60 सीटों के
चुनाव में इस जिले से 9 ग्रेजुएट चुन कर आ सके।
जबकि पलवल के 138 में से 12
ग्रेजुएट, मेवात के 146 सीटों में से 12, गुड़गांव के 108 में से 9, और
सीएम सिटी करनाल की 179 सीटों में से महज 10 ग्रेजुएट ब्लाक मेंबर बन पाए
हैं।
दक्षिण हरियाणा के ग्रेजुएट चुने गए जिला पार्षद
राज्य
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पलवल से वार्ड नंबर 2 की पूजा देवी
और वार्ड-11 से बेचू सिंह ग्रेजुएट हैं। जबकि गुड़गांव के वार्ड-4 से
वीरेंद्र सिंह, वार्ड-11 से विजयपाल यादव और वार्ड-8 से सोनिया चुनी गई
हैं।
मेवात में वार्ड-4 से अंजुम हुसैन, वार्ड-14 से इमरान खान, वार्ड-15
से मोहम्मद वली, वार्ड-17 से अयूब खान और वार्ड-19 से जैन मोहम्मद चुने गए।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में वार्ड नंबर-2 से जगत सिंह और वार्ड नंबर-10 से
मुकेश रानी जिला पार्षद चुने गए हैं।
पूनम बनी सबसे कम उम्र की जिला पार्षद
लेंहडौला
गांव की रहने वाली मैट्रिक पास पूनम देवी को सबसे कम उम्र की वार्ड नंबर-4
से जिला पार्षद बनने का गौरव मिला है।
28 साल में पूनम जिला पार्षद के लिए
चुन ली गई हैं, जबकि सबसे अधिक उम्र के जिला पार्षद वार्ड नंबर-7 से 12
वीं पास जगदीश प्रसाद चुने गए हैं।