नोटबंदी की समय सीमा खत्म फिर भी जमा नहीं हुए मालखाने के डेढ़ करोड़ के पुराने नोट
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जिले के मालखानों में जमा विचाराधीन मुकदमों से संबंधित लगभग 1.5 करोड़ रुपये पर नोटबंदी के बादल गहराने लगे हैं। नोटबंदी के बाद जिले की थाना पुलिस से पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने को कहा गया था, लेकिन 30 दिसंबर तक रुपये जमा कराने की अवधि समाप्त होने के बाद भी इनका निस्तारण नहीं किया जा सका है।
इसके चलते अब एसपीओ ने मालखाने के पुराने नोटों को आरबीआई शाखा में जमा कराने की सलाह दी है। नोटबंदी के बाद अमर उजाला ने 19 नवंबर को ‘मालखाने के माल का क्या होगा हाल’ शीर्षक सेे समाचार प्रकाशित कर पुराने नोटों के भविष्य पर सवाल उठाया था।
लूूट, डकैती और धोखाधड़ी आदि केसों में बरामदगी के बाद नोट व अन्य सामान को थानों के मालखाने में रखा जाता है। बाद में कोर्ट के आदेश पर मालखाने के माल का निस्तारण होता है, तब तक ये सामान व नोट साक्ष्य के तौर पर मालखानों में रखने होते हैं।
नोटबंदी के बाद थानों में रखे पुराने नोटों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर तक पुराने नोट बैंकों में जमा करने की तिथि निर्धारित की थी। यह अवधि पूरी होने के बाद भी अभी मालखाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें अधिकांश पुरानेे नोट हैं।
आरबीआई के खाते में जमा हो सकती है राशि
हालांकि 31 मार्च तक इन नोटों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जमा कराया जा सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह था कि अगर निर्धारित तिथि निकलने के बाद पुराने नोट संबंधित व्यक्ति को दे भी दिए जाते हैं तो इसका क्या लाभ होगा। अब, एसपीओ ने जिले की थाना पुलिस को मालखानेे के पुराने नोटों को आरबीआई की शाखा में जमा कराने की सलाह दी हैै।
तब तक तो 500 और 1000 के नोट रद्दी बन चुके होंगे। अब, एसपीओ ने जिले की थाना पुलिस को मालखानेे के पुराने नोट 31 मार्च से पहले आरबीआई की शाखा में जमा कराने की सलाह दी हैै। एसपी देहात सुजाता सिंह नेे बताया कि इस मामले में एसपीओ की सलाह पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
जिले के मालखानों में लगभग 1.5 करोड़ रुपये जमा हैं। नोटबंदी के बाद ही जिले की थाना पुलिस से कहा गया था कि वह 500 व 1000 के नोट बैंक में जमा करा दें। अब, एक बार फिर कहा गया है कि पुराने नोटों को आरबीआर्ई की शाखा में जमा करा दें, ताकि भविष्य में परेशानी न उठानी पड़े। -ललित मुदगल, एसपीओ, गौतमबुद्ध नगर