फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   more than 40 ngo Demand for National Men Commission

राष्ट्रीय पुरुष आयोग की मांग ने पकड़ा जोर, देश भर के कई एनजीओ दिल्ली में हुए एकत्रित

Tue, 02 Oct 2018 08:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 02 Oct 2018 08:18 PM IST
विज्ञापन
more than 40  ngo Demand for National Men Commission
रामनाथ दास

जंतर मंतर पर मंगलवार को देश के करीब 40 से ज्यादा सामाजिक संगठनों ने मिलकर केंद्र सरकार से राष्ट्रीय पुरुष आयोग बनाने की मांग। उनका कहना है कि घरेलू हिंसा कानून और डीवी कानून के चलते देश में पुरुषों की आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। झूठे मुकदमे लगाकर पुरुषों के खिलाफ अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पुरुष कल्याण मंत्रालय और पुरुष थानों का निर्माण करने की मांग भी की। पुरुष आयोग राष्ट्रीय समन्वय समिति के अनुसार देश में हर साल कानून के चलते 96 हजार पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं। 

विज्ञापन


महासचिव रामनाथ दास (भूतपूर्व सैनिक) ने बताया कि पुरुष आयोग की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा और डीवी जैसे कानून के तहत करीब 98 फीसदी झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। साल 1998 से लेकर 2015 के बीच 27 लाख गिरफ्तारियां देश भर में हुई हैं। इसमें 6.5 लाख महिलाएं और 7700 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। 
विज्ञापन


धारा 498ए कानून में मेडिकल टेस्ट, लाई डिक्टेटर और नार्को टेस्ट शामिल किया जाना चाहिए। दहेज देने वालों को एवं झूठे दहेज के मुकदमे करने वालों को सश्रम 10 वर्ष की कड़ी सजा या 50 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। झूठे मुकदमे की वजह से जिन पुरुषों की नौकरी चली गई, उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए या पुनर्वास के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।              

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed