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शाहबेरी में 30 से अधिक परिवारों ने खाली किए फ्लैट, 103 बिल्डिंग पर चस्पा किए नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:30 AM IST
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फाइल फोटो
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प्राधिकरण के नोटिस के बाद शाहबेरी गांव में परिवार फ्लैट खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रहे हैं। अभी तक 30 से अधिक परिवार बिल्डिंग खाली कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण ने किसी भी तरह की मदद करने से पल्ला झाड़ लिया है।
अब मकान खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। वरना, उनके खिलाफ भी एफआईआर हो जाएगी। शाहबेरी हादसे के बाद प्राधिकरण सर्वे कर रहा है और असुरक्षित बिल्डिंग पर नोटिस चस्पा कर खाली करने का आदेश दे रहा है।
अभी तक गांव की 103 बिल्डिंग पर प्राधिकरण नोटिस चस्पा कर चुका है। इनमें निर्माणाधीन बिल्डिंग भी शामिल हैं। नोटिस में प्राधिकरण ने लोगों को बिल्डिंग खाली करने के लिए सात दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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शाहबेरी में अपना फ्लैट खाली कर रहे राजवीर व रेखा का कहना है कि मकान खाली करने के अलावा उनके पास दूसरा विकल्प नहीं बचा है। बिल्डर का फोन बंद है।
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अब मकान खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। वरना, उनके खिलाफ भी एफआईआर हो जाएगी। शाहबेरी हादसे के बाद प्राधिकरण सर्वे कर रहा है और असुरक्षित बिल्डिंग पर नोटिस चस्पा कर खाली करने का आदेश दे रहा है।
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अभी तक गांव की 103 बिल्डिंग पर प्राधिकरण नोटिस चस्पा कर चुका है। इनमें निर्माणाधीन बिल्डिंग भी शामिल हैं। नोटिस में प्राधिकरण ने लोगों को बिल्डिंग खाली करने के लिए सात दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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शाहबेरी में अपना फ्लैट खाली कर रहे राजवीर व रेखा का कहना है कि मकान खाली करने के अलावा उनके पास दूसरा विकल्प नहीं बचा है। बिल्डर का फोन बंद है।
प्राधिकरण ने किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया है। अगर खाली नहीं करेंगे तो बिल्डिर के साथ उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। बिल्डिंग खाली करने वाले ज्यादा लोगों ने गांव की उन बिल्डिंग में किराए पर मकान लिया है, जिन पर प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा नहीं किया है।
बिल्डर ने पैसे लौटाने का दिया आश्वासन
रायल अपार्टमेंट से बाहर निकाले गए परिवार ने किराये पर रहना शुरू कर दिया है। उन्होंने बिल्डिंग से कुछ ही दूरी पर मकान किराये पर लिया है। उनका कहना है कि अगर यहां से दूर जाएंगे तो प्राधिकरण की कार्रवाई का पता नहीं चलेगा।
यहां रहकर प्राधिकरण की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि प्राधिकरण क्या कार्रवाई करेगा, इसका पता नहीं है। वहीं बिल्डर से फोन पर बात की है। बिल्डर ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया है।
बिल्डर ने पैसे लौटाने का दिया आश्वासन
रायल अपार्टमेंट से बाहर निकाले गए परिवार ने किराये पर रहना शुरू कर दिया है। उन्होंने बिल्डिंग से कुछ ही दूरी पर मकान किराये पर लिया है। उनका कहना है कि अगर यहां से दूर जाएंगे तो प्राधिकरण की कार्रवाई का पता नहीं चलेगा।
यहां रहकर प्राधिकरण की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि प्राधिकरण क्या कार्रवाई करेगा, इसका पता नहीं है। वहीं बिल्डर से फोन पर बात की है। बिल्डर ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया है।
बेटे को झूठा फंसाने का लगाया आरोप
शाहबेरी गांव के किसान सतबीर ने जिलाधिकारी और एसएसपी से पत्र लिखकर शिकायत की है कि शाहबेरी हादसे के बाद की गई कार्रवाई में उसके बेटे को झूठा फंसाया गया है। सतबीर का कहना है कि गांव में उसके पास 18 बीघा जमीन थी।
दस साल पहले उसने नकुल त्यागी नाम के एक व्यक्ति को जमीन बेची थी। जमीन की रजिस्ट्री कृषि भूमि में की थी। उसका और उसके परिवार का जमीन से कोई लेना देना नहीं है। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके बेटे संजीव के ब्रोकर बना दिया है।
दस साल पहले उसने नकुल त्यागी नाम के एक व्यक्ति को जमीन बेची थी। जमीन की रजिस्ट्री कृषि भूमि में की थी। उसका और उसके परिवार का जमीन से कोई लेना देना नहीं है। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके बेटे संजीव के ब्रोकर बना दिया है।