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प्रदूषण से बेरोजगार हुए 10 हजार से ज्यादा दिहाड़ी मजदूर, बंद हैं जीएमडीए और बिल्डर के निर्माण कार्य
Fri, 15 Nov 2019 08:49 AM IST
शाहरुख खान
पवन कुमार सेठी, अमर उजाला, गुरुग्राम
पवन कुमार सेठी, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 15 Nov 2019 08:49 AM IST
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गुरुग्राम शहर में बढ़ता प्रदूषण मजदूरों के लिए आफत बन आया है। ईपीसीए के आदेश के बाद शहर में निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगी हुई है। इससे दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। 10 हजार से अधिक मजदूरों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
वहीं दूसरे राज्यों से गुरुग्राम में आकर काम करने वाले मजदूर अब पलायन करने लगे हैं। दूसरी ओर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में करवाए जा रहे विकास कार्य भी रुक गए हैं। शहर में दो दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा था जो ईपीसीए के अगले आदेश तक बंद है।
दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। प्रदूषण के कारण लोगों का घर से बाहर निकल पाना भी मुश्किल हो गया है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए ईपीसीए ने करीब 10 दिनों से निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
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बावजूद इसके कुछ निर्माणाधीन साइटों पर काम चल रहा था। इस पर ईपीसीए ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद करवाने के आदेश दिए। सरकारी और निजी निर्माणाधीन साइटों पर काम बंद हो गया। जिले में 60 से अधिक निर्माणाधीन साइट हैं जिन पर कार्य रुकवा दिया गया है।
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वहीं दूसरे राज्यों से गुरुग्राम में आकर काम करने वाले मजदूर अब पलायन करने लगे हैं। दूसरी ओर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर में करवाए जा रहे विकास कार्य भी रुक गए हैं। शहर में दो दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा था जो ईपीसीए के अगले आदेश तक बंद है।
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दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। प्रदूषण के कारण लोगों का घर से बाहर निकल पाना भी मुश्किल हो गया है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए ईपीसीए ने करीब 10 दिनों से निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
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बावजूद इसके कुछ निर्माणाधीन साइटों पर काम चल रहा था। इस पर ईपीसीए ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद करवाने के आदेश दिए। सरकारी और निजी निर्माणाधीन साइटों पर काम बंद हो गया। जिले में 60 से अधिक निर्माणाधीन साइट हैं जिन पर कार्य रुकवा दिया गया है।
इसमें जीएमडीए द्वारा शहर के विकास के लिए करवाए जा रहे कार्य भी शामिल हैं। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्यों पर लगी ईपीसीए की पाबंदी से उनके घर के चूल्हे बुझने लगे हैं। 10 दिन से अधिक बीत गए हैं, लेकिन उन्हें दिहाड़ी नहीं मिली है। पहले काम करके जमा किए गए रुपयों को वह खर्च कर चुके हैं। ऐसे में अब उनके समक्ष दूसरे राज्यों में जाने अथवा अपने गांव लौट जाने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है।
रुक गया शहर का विकास
जीएमडीए के मुख्य अभियंता इंफ्रा-1 जितेंद्र मित्तल ने बताया कि शहर में जीएमडीए द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य ईपीसीए के अगले आदेश तक बंद है। शहर में फ्लाईओवर, अंडरपास, सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। कार्य रुकने से कांट्रेक्टर ने इन स्थानों पर लगी लेबर को छुट्टी दे दी है। ईपीसीए के आदेश के बाद ही अब कार्य दोबारा शुरू हो पाएगा।
रुक गया शहर का विकास
जीएमडीए के मुख्य अभियंता इंफ्रा-1 जितेंद्र मित्तल ने बताया कि शहर में जीएमडीए द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य ईपीसीए के अगले आदेश तक बंद है। शहर में फ्लाईओवर, अंडरपास, सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। कार्य रुकने से कांट्रेक्टर ने इन स्थानों पर लगी लेबर को छुट्टी दे दी है। ईपीसीए के आदेश के बाद ही अब कार्य दोबारा शुरू हो पाएगा।