बंदरों के आतंक से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग दहशत में
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बंदरों के आतंक से फरीदाबाद सेक्टर-7, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग इन दिनों दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी में रहने वाले कई लोग बंदरों के आंतक का शिकार हो चुके हैं। इस समस्या के बारे में लेगों ने निगम प्रशासन से शिकायत भी की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कॉलोनीवासी तिलकराज कोहली का कहना है कि वे अपाहिज हैं। एक दिन वे अपने घर के बाहर धूप सेंक रहे थे तभी बंदरों ने उनपर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। बुरी तरह से काटा जिस कारण वो कई दिनों से दर्द के मारे वे पूरी रात सो भी नहीं पा रहे।
एनडी कौशिक का कहना है कि बंदरों ने पूरी कॉलोनी का जीना हराम कर रखा है। कभी वो धूप में सूखने के लिए रखे गए कपड़ो का फाड़ देते है तो कभी घर के अंदर घुसकर कीमती चीजें उठाकर ले जाते है।
कई बार तो बंदर बच्चों के बैग तक अपने साथ ले गए
जगदंबा प्रसाद, एलएन शर्मा का कहना है कि बंदरों की इस गंभीर समस्या के कारण लोग मंदिर, गुरूद्वारे भी नहीं जा पर रहें हैं। क्योकि उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं बंदर रास्ते में ही उनपर हमला ना कर दें।
मनोहर लाल अरोड़ा का कहना है कि बंदरों की वजह से स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में दिक्कत आ रही है। क्योंकि बच्चों के पास स्कूली बैग होता है जिसमें पानी की बोतल और लंच बॉक्स होता है जो अक्सर बंदरों का निशाना बनाते हैं।
कई बार तो बंदर बच्चों के बैग तक अपने साथ ले गए जिसे बड़ी मुश्किल से छुड़ाना पड़ा। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के प्रधान गोल्डी बरेजा का कहना है कि इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार निगम अधिकारियों को बताया लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेगी।
उन्होनें कहा कि लगभग 10 दिन पहले उन्होंने निगम के दो अधिकारियों से इस विषय पर बात की तो उन्होंने एक टका सा जवाब दिया कि नगर निगम के पास बंदर पकडने के 4 पिजरें हैं जिसमें से 2 सूरजकुंड में रखे हुए है जबकि दो ठीक होने के लिए गए हुए हैं।